कूनो में गूंजी खुशखबरी :मादा चीता आशा ने 5 नन्हे शावकों को दिया जन्म, अब भारत में 35 चीते

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मादा चीता आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इससे भारत की चीता संरक्षण परियोजना को नई मजबूती मिली है। देश में अब चीतों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है, जो वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
मादा चीता आशा ने 5 नन्हे शावकों को दिया जन्म, अब भारत में 35 चीते
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    श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से शनिवार को एक बार फिर अच्छी खबर आई है। यहां मादा चीता आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस खुशी की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने ऑफिशियल ‘एक्स’ अकाउंट पर शेयर किया।

    सीएम ने बताया गर्व का पल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पोस्ट में लिखा कि कूनो नेशनल पार्क ने एक खास और गर्व का पल देखा है। आशा के शावकों के जन्म से भारत की चीता संरक्षण यात्रा और मजबूत हुई है।

    उन्होंने बताया कि अब भारत में जन्मे शावकों की संख्या 24 हो गई है, जबकि देश में चीतों की कुल संख्या 35 तक पहुंच गई है।

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    वन अमले और डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई

    सीएम ने इस सफलता का श्रेय वन विभाग के कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनकी लगातार मेहनत, निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश अब वन्यजीव संरक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

    शावकों के साथ आशा का वीडियो भी साझा

    मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें मादा चीता आशा अपने नवजात शावकों के साथ नजर आ रही है। यह दृश्य वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

    कूनो का माहौल चीतों के लिए अनुकूल

    विशेषज्ञों का कहना है कि कूनो नेशनल पार्क का वातावरण अब चीता जैसे संवेदनशील वन्यजीव के लिए पूरी तरह अनुकूल हो चुका है।

    लगातार निगरानी और बेहतर प्रबंधन के कारण यहां चीते सुरक्षित माहौल में प्रजनन कर पा रहे हैं। शावकों के जन्म से पहले कूनो में 27 चीते मौजूद थे।

    जल्द आएंगे बोत्सवाना से आठ और चीते

    गौरतलब है कि 28 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ और चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाने की योजना है। उससे पहले शावकों का जन्म होना चीता परियोजना के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ कूनो की जैव विविधता मजबूत होगी, बल्कि भारत में चीता आबादी को नया विस्तार भी मिलेगा।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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