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इंदौर:मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय सिनेमा को मिलेगा नया मंच! मंत्री धर्मेंद्र लोधी को सौंपा ज्ञापन; मालवी, निमाड़ी और बुंदेली फिल्मों की मांग

इंदौर में मध्य प्रदेश में पर्यटन के वैश्विक परिप्रेक्ष्य विषय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय सिनेमा के विकास को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई। मालवा टॉकीज के निदेशक राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेंद्र लोधी से सौजन्य भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फिल्म अनुदान नीति के सरलीकरण और क्षेत्रीय फिल्मों को प्रोत्साहन देने की मांग की गई।
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मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय सिनेमा को मिलेगा नया मंच! मंत्री धर्मेंद्र लोधी को सौंपा ज्ञापन; मालवी, निमाड़ी और बुंदेली फिल्मों की मांग

इंदौर। ज्ञापन में मध्य प्रदेश की क्षेत्रीय भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म नीति में आवश्यक संशोधन की बात कही गई। साथ ही प्रत्यक्ष अनुदान व्यवस्था, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव भी रखे गए। मालवा टॉकीज का मानना है कि इससे प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और रोजगार को नई दिशा मिलेगी।

क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को बढ़ावा देने की मांग

राजेंद्र राठौड़ ने मंत्री धर्मेंद्र लोधी को बताया कि मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक आस्था और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए क्षेत्रीय सिनेमा का विकास बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मालवी, निमाड़ी, बुंदेली, बघेली, गोंडी और अन्य स्थानीय भाषाओं में बनने वाली फिल्में प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर प्रचारित करने का सशक्त माध्यम बन सकती हैं। इससे स्थानीय पहचान को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच भी प्राप्त होगा।

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फिल्म अनुदान प्रक्रिया को सरल बनाने का सुझाव

ज्ञापन में मांग की गई कि मध्य प्रदेश की फिल्म नीति में आवश्यक संशोधन कर क्षेत्रीय फिल्मों के लिए अनुदान प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, व्यावहारिक बनाया जाए। साथ ही अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रत्यक्ष अनुदान व्यवस्था लागू की जाए। इससे स्थानीय फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में अधिक से अधिक क्षेत्रीय फिल्में बन सकेंगी। यह व्यवस्था नए और उभरते फिल्म निर्माताओं के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है।

स्थानीय कलाकारों को मिले प्राथमिकता

राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की संस्कृति, लोककलाओं, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी साधन है। ज्ञापन में सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था, शूटिंग सुविधाओं का विस्तार, स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों को प्राथमिकता और क्षेत्रीय फिल्मों के लिए विशेष प्रोत्साहन की मांग भी की गई। इसके साथ ही फिल्म निर्माण संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव भी रखा गया। इससे युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो सकते हैं।

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क्षेत्रीय सिनेमा को लेकर विशेष कार्यक्रम की तैयारी

इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के फिल्म निर्माता, निर्देशक और सिनेमा जगत से जुड़े प्रतिनिधि जल्द सीएम डॉ. मोहन यादव और पर्यटन मंत्री से मुलाकात करेंगे। प्रदेश में क्षेत्रीय सिनेमा के विकास, फिल्म नीति में आवश्यक सुधार और स्थानीय फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन देने के विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों, तकनीशियनों, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। मालवा टॉकीज का मानना है कि यदि प्रदेश सरकार क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक कदम उठाती है, तो मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय फिल्म निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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