Rajya Sabha Election:मीनाक्षी नटराजन पहुंचीं हाईकोर्ट, बोलीं- निष्पक्ष नहीं था चुनाव आयोग का फैसला

जबलपुर। राज्यसभा चुनाव में नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के फैसले को गलत बताते हुए न्याय की मांग की है। साथ ही जंतर-मंतर की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए हैं।
निर्धारित समय सीमा में दायर की चुनाव याचिका
जबलपुर पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि उन्होंने तय 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर चुनाव याचिका दाखिल कर दी है। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है। उनका भरोसा है कि अदालत पूरे मामले के तथ्यों को देखकर उचित फैसला सुनाएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
नामांकन निरस्त करने के फैसले पर उठाए सवाल
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने जिस आधार पर उनका दावा खारिज किया, वह पूरी तरह गलत था। उनके मुताबिक जिस मामले पर विधिवत संज्ञान तक नहीं लिया गया, उसी को आधार बनाकर उनकी आपत्ति को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने इसे चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गलती बताते हुए फैसले पर सवाल उठाए हैं।
मीनाक्षी ने दायर की है चुनाव याचिका
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। नामांकन निरस्त होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने रिट याचिका सुनने से इनकार करते हुए चुनाव याचिका दायर करने का रास्ता बताया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की है।
'सरकार आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही'
मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्राओं के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनके अनुसार सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
युवाओं के संघर्ष को बताया लोकतंत्र की आवाज
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनको देश विरोधी बताना उचित नहीं है, क्योंकि उनका आंदोलन देशहित से जुड़ा है। मीनाक्षी ने भरोसा जताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका अपनी जिम्मेदारी निभाएगी और सच्चाई सामने आएगी।












