Manisha Dhanwani
5 Feb 2026
मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने घेराबंदी करके प्रदेश में मत्स्य पालन के सबसे बड़ी गांधी सागर जलाशय से चोरी से मछली का आखेट करके अंतरराज्यीय अवैध परिवहन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पिकअप में भरी मछली सहित दो तस्करों को पकड़ा है, दोनों ही आरोपी टोंक राजस्थान के हैं।
दरअसल मंदसौर के गांधी सागर जलाशय से मछली का अवैध कारोबार लंबे समय से हो रहा है। इसके लिए मछली माफिया रात में चोरी से मत्स्याखेट करने के बाद पकड़ी गई मछली का अवैध परिवहन करके राजस्थान या महाराष्ट्र भेज देता है, जहां ऊंचे दाम पर यह मछली बेची जाती है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने अवैध कारोबार रोकने के लिए जिले के सभी थानों को अलर्ट किया है। नतीजे में भानपुरा थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यपाल मईडा को मुखबिर से सूचना मिली कि अवैध तरीके से पकड़ी गई मछली का परिवहन हो रहा है। मुखबिर के अनुसार एक बोलेरो पिकअप आरजे 53-जीए- 2230 मे गांधीसागर डेम से अवैध रुप से निकाली गई मछली भर कर लेदी गांव से होकर दर्रा की तरफ लेकर निकलेगी।
सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस फोर्स ने औसारा रोड पर मुखबिर के बताये हुलिये की एक पिकअप बोलेरो आरजे 53-जीए- 2230 आते दिखी। इसको निरीक्षक आरसी दांगी, सहायक उपनिरीक्षक सूर्यपाल मईडा, प्रधान आरक्षक सुरेन्द्रसिंह आदि की टीम ने घेराबंदी करके रोका और तलाशी लेने के साथ ही ड्राइवर और दूसरे साथी से पूछताछ शुरू की। पुलिस की सख्ती के बाद ड्राइवर ने अपना नाम जयसिह पिता गोपाल बैरवा उम्र 32 साल निवासी काशी थाना देवली जिला टोंक राजस्थान बताया, जबकि दूसरा व्यक्ति जाफर खान निवासी टोंक, राजस्थान का है। ड्राइवर जयसिंह और साथी जाफर ने पिकअप में रखे सामान के संबंध मे पूछने पर पिकअप के पीछे गांधीसागर डैम से निकाली हुई अवैध मछली भरी होना बताया। इस पर पंचान के समक्ष पिकअप बोलेरो वाहन की तलाशी लेने पर वाहन के पीछे की तरफ मछलियां भरी पाई गर्ईं। पिकअप मे भरे 34 केरेट मे कुल 1020 किलो ग्राम मछली होना पाई गई। इसकी कीमत 1 लाख 2 हजार रुपये माना गया है। अवैध परिवहन की जा रही मछलियों को जप्त किया गया। थाना भानपुरा पर अपराध-27/2026 धारा 303 (2) बीएनएस व 5 मत्स्य अधिनियम का पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया है।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पिकअप सहित मछली को जब्त किया गया है। वहीं अवैध मछली बेचने व खरीदने वालो के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए पकडे गए ड्राइवर से मददगारों के नाम पता निकाले जाएंगे।
-सुश्री हेमलता कुरील, एडीशनल एसपी, गरोठ, मंदसौर