
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को लेकर जारी सियासी जंग अब दिल्ली तक पहुंच गई है। बुधवार को अजित पवार NCP के अध्यक्ष बन गए, जिसके बाद आग यानि गुरुवार को शरद पवार दिल्ली पहुंचे हैं। यहां वे NCP की एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग में शामिल होंगे। वहीं अब चाचा बनाम भतीजे की लड़ाई के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गया है।
पोस्टर में लिखा- गद्दारों को जनता माफ नहीं करेगी
शरद पवार के दिल्ली पहुंचने से पहले दिल्ली में लगे वो पोस्टर हटा दिए गए हैं, जिनमें अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल के फोटो लगे थे। वहीं अब उन्हें हटाकर नए पोस्टर लगाए गए हैं। कहीं गद्दार तो कहीं सच की लड़ाई वाले बैनर लगे हैं।
एनसीपी चीफ शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास के बाहर अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ ‘बाहुबली’ फिल्म के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स में शरद पवार से बगावत करने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ बताया गया है। पोस्टर में प्रफुल्ल पटेल बाहुबली फिल्म के कटप्पा की तरह शरद पवार को पीछे से तलवार घोंपते दिख रहे हैं। लिखा गया है- गद्दारों को जनता माफ नहीं करेगी।
Delhi | Amid NCP vs NCP crisis in Maharashtra, Rashtrawadi Vidyarthi Congress puts up a poster designed on a scene from the film 'Baahubali – The Beginning', showing its character 'Kattappa' stabbing 'Amarendra Baahubali' in the back. pic.twitter.com/ojq7EmXO7A
— ANI (@ANI) July 6, 2023
NCP पर दावेदारी, अजीत ने शरद को किया बेदखल
दरअसल, अजित पवार ने 2 जुलाई को चाचा शरद पवार से बगावत कर दी थी और महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए। उन्होंने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली और उनके साथ एनसीपी के 8 विधायकों ने भी शिंदे सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। सके बाद से एनसीपी शरद पवार और अजित पवार गुट में बंट गई। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने 5 जून को शरद पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही खुद को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बताया। बता दें कि प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई में 30 जून को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी, उसी में यह फैसला हुआ था।
अजित पवार खोटा सिक्का निकला : शरद
शरद पवार ने कहा कि जो मुझे छोड़कर गए हैं उन्हें विधानसभा में लाने के लिए बहुत मेहनत की है। कार्यकर्ताओं ने इनके लिए मेहनत की। उनके लिए अफसोस है। जो विचारधारा पार्टी की नहीं है उसके साथ जाना ठीक नहीं है। जिन विधायकों ने अलग होने का फैसला किया, उन्होंने हमें विश्वास में नहीं लिया। अजित पवार गुट ने किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पार्टी का चुनाव चिन्ह हमारे पास है, वह कहीं नहीं जाएगा। हमें सत्ता में लाने वाले लोग और पार्टी कार्यकर्ता हमारे साथ हैं। हम पार्टी का सिंबल किसी को नहीं लेने देंगे। अजित पवार खोटा सिक्का निकला।
चुनाव आयोग से दोनों गुटों ने क्या कहा ?
NCP के नाम व निशान पर दावे को लेकर अजित और शरद पवार दोनों गुट चुनाव आयोग पहुंच गए हैं। पहले शरद पवार गुट ने अर्जी लगाई थी। इसमें कहा गया था कि कोई भी एनसीपी पर अपने आधिपत्य का दावा आयोग के सामने करे तो आयोग शरद पवार पक्ष को भी जरूर सुने।
इसके कुछ घंटों बाद अजित पवार गुट ने चालीस से अधिक विधायकों के शपथ पत्र के साथ पार्टी पर दावा ठोका। अजित पवार गुट ने 40 से ज्यादा विधायकों/सांसदों और MLC के हलफनामे के साथ पार्टी पर अपना दावा किया है। हालांकि, आज उनकी मीटिंग में 30 ही विधायक पहुंचे थे।
वहीं, शरद पवार गुट ने आयोग से गुहार लगाई कि कोई भी अगर एनसीपी पर अपने अधिकार और नाम निशान पर दावा करे तो आयोग उनकी दलीलें भी सुने। पवार गुट ने पार्टी में बगावत कर दल बदल करने वाले अपने विधायकों की जानकारी भी आयोग को दी। आयोग को ये भी बताया गया कि सत्ताधारी गठबंधन में मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले बागी विधायकों को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है।
5वीं बार महाराष्ट्र के डिप्टी CM बने अजित पवार
बता दें कि अजित पवार पहले भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ले चुके हैं। अब 5वीं बार महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। साल 1999-2014 के दौरान महाराष्ट्र में कांग्रेस-NCP गठबंधन की सरकार में वह 2 बार उप मुख्यमंत्री रहे। वहीं नवंबर 2019 में अजित पवार ने बगावत करके फडणवीस के साथ सरकार बनाई और उप मुख्यमंत्री बने। हालांकि, दो दिन बाद ही सरकार गिर गई। इसके 2 दिन बाद उद्धव ठाकरे की सरकार बनी, जिसमें अजित पवार डिप्टी CM बनाए गए। वहीं अब 5वीं बार शिंदे की सरकार में उप मुख्यमंत्री बने हैं।
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