MP News :मप्र के जनजातीय छात्रावासों में तीन माह से सस्ता राशन नहीं, उधारी में चल रहा काम

मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रावासों में तीन महीने से सस्ता राशन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि यहां उधारी से काम चल रहा है। गेहूं और चावल को लेकर विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं।
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मप्र के जनजातीय छात्रावासों में तीन माह से सस्ता राशन नहीं, उधारी में चल रहा काम

विजय एस. गौर,भोपाल। प्रदेशभर में सरकारी तौर पर संचालित तीन सौ से अधिक अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों को तीन माह (मार्च, अप्रैल, मई) से सस्ता अनाज और चावल आपूर्ति नहीं हुई है। ऐसे में छात्रावास अधीक्षकों को उधारी में गेहूं-चावल खरीदकर छात्रों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसको लेकर खाद्य और नागरिक उपभोक्ता संरक्षण एवं जनजातीय कार्य विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं।

एक रु. किलो में गेहूं-चावल देना है

एससी/एसटी हॉस्टल्स में खाद्य एवं नागरिक उपभोक्ता संरक्षण विभाग के जरिए सरकारी राशन दुकानों से 1 रुपए किलो में गेहूं और चावल उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस सुविधा का लाभ उठाने वाले राजधानी भोपाल में 21 और प्रदेशभर में 343 हॉस्टल्स हैं, जिनमें 22 हजार छात्र हैं। विभाग के संचालक कर्मवीर शर्मा से कई बार संपर्क किया, लेकिन हो नहीं सका।

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भोपाल के एससी/एसटी हॉस्टल्स में यह आलम 

राजधानी में ग्रीष्मावकाश में चल रहे 21 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कॉलेजिएट हॉस्टल्स में वर्ष 2026 के माह मार्च, अप्रैल और मई में खाद्यान्न नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। इन छात्रावासों में 1,200 से अधिक छात्र-छात्राएं निवास कर रहे हैं।

उधारी के राशन से भोजन

दो महीने बाद मार्च में खाद्यान्न मिला था, उसके बाद अभी दो माह का नहीं मिला है। जनजातीय विभाग से जिला आपूर्ति कार्यालय भोपाल को पत्र भी लिखा है, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अभी उधारी के राशन से छात्रों को खिला रहे हैं।

मोहम्मद शाहिद खान, अधीक्षक, एससीएसटी हॉस्टल, कटारा हिल्स भोपाल

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तीन माह का खाद्यान्न आवंटन नहीं

मार्च, अप्रैल और मई का खाद्यान्न आवंटन नहीं हुआ है। हमारे यहां 9 हॉस्टल हैं जिनके अधीक्षकों ने समस्या बताई है, इसकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को उपलब्ध करा दी गई है।

अरविंद कुशवाहा, जिला संयोजक जनजातीय कार्य, जिला सीहोर

ऑर्डर ही नहीं आया तो आपूर्ति अटकी

भोपाल जिले के एससी/एसटी हॉस्टल्स को मार्च तक गेहूं और चावल की सप्लाई हुई है। बाद में विभाग और जिले की ओर से ऑर्डर ही नहीं आया, जिससे पीडीएस का आवंटन नहीं हो सका है। जनजातीय विभाग वाले ही बताएंगे कि क्यों ऑर्डर नहीं भेजा और क्यों अटकाए हुए हैं। 

श्रुति साहू, कनिष्ठ सहायक, नागरिक आपूर्ति निगम

अप्रैल-मई का आवंटन जारी नहीं हुआ

एससीएसटी हॉस्टल्स के लिए प्रति माह आवंटन जारी होता है। हालांकि सभी जिलों के हॉस्टल्स के लिए अप्रैल और मई माह का आवंटन जारी नहीं हो सका है। इस बारे में रिकॉर्ड देखकर ही बता सकेंगे कि इसका क्या कारण है।

मीना मालाकार, उप संचालक, आवंटन पीडीएस, खाद्य संचालनालय

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राशन नहीं मिलने की जांच करवाएंगे

हर जिले को आवंटन के लिए लॉगिन दिया गया है। प्रदेश में राशन नहीं मिलने की जांच करवाते हैं। सिविल सप्लाई से भी चेक करेंगे। वैसे इसमें विभाग की कोई लापरवाही नहीं है।

सुधांशु वर्मा, सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग

 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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