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MP News :इनकम टैक्स वसूली में मप्र-छग 1 हजार करोड़ रु. से रह गया पीछे

मप्र-छत्तीसगढ़ को चालू वित्तीय वर्ष में सीबीडीटी ने 34 हजार 400 करोड़ रु. की वसूली का लक्ष्य सौंपा है। पिछले वित्त वर्ष में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद विभाग टैक्स वसूली में टारगेट से करीब एक हजार करोड़ रु. पीछे रह गया।
इनकम टैक्स वसूली में मप्र-छग 1 हजार करोड़ रु. से रह गया पीछे

राजीव सोनी, भोपाल। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने आयकर विभाग को मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ से (वित्त वर्ष 2025-26) इस बार 34 हजार 400 करोड़ रुपए टैक्स वसूली का टारगेट सौंपा है। यह रकम पिछले साल से 1200 करोड़ रुपए ज्यादा है, हालांकि पिछले वित्त वर्ष में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद विभाग टैक्स वसूली में टारगेट से करीब एक हजार करोड़ रु. पीछे रह गया। मप्र-छग में विभाग की कुल वसूली का 56 फीसदी से अधिक कलेक्शन का योगदान टीडीएस का माना जाता है।

देश में 26.97 लाख करोड़ रु. टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य

CBDT ने हाल ही में सेंट्रल एक्शन प्लान जारी करते हुए देश के सभी राज्यों को रेवेन्यू कलेक्शन का टारगेट सौंप दिया है। पूरे देश से आयकर विभाग को 26 लाख 97 हजार करोड़ रु. टैक्स कलेक्शन का टारगेट है। पिछले साल यह आंकड़ा 25.20 लाख रु. था। सरकार की तिजोरी भरने में इस बार भी  प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर मुंबई का जूरिडिक्शन सबसे ऊपर है। मुंबई को 7 लाख 54 हजार करोड़ रुपए की रिवेन्यू जुटाने का लक्ष्य मिला है।

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वसूली में गिरावट की वजह

ज्ञात हो कि मप्र-छग को पूर्व के वर्षों में इससे बड़े टारगेट मिल चुके हैं। पिछले वित्त वर्ष में 15 मार्च तक 31 हजार करोड़ कलेक्शन हो चुका था लेकिन बाद के दो सप्ताह में आंकड़ा 32 हजार 100 करोड़ तक ही पहुंच पाया।  विभागीय सूत्रों का कहना है कि टीडीएस और कोल कंपनी की रिवेन्यू में अंतर आने से टैक्स में गिरावट देखी जा रही है। हालांकि कुछ अन्य एक्सपट्र्स का कहना है कि फेसलैस सिस्टम के चलते बाहर असेसमेंट होने से भी यह फर्क दिखने लगा है।

मप्र-छग 14 वें नंबर पर

देश के कुल 19 कैडर कंट्रोलिंग प्रिंसिपल चीफ कमिश्नरेट में मप्र-छग का नंबर 14 है। अंतिम नार्थ-ईस्ट रीजन है । जिसका कुल 11 हजार 300 करोड़ टैक्स वसूली का लक्ष्य है। इसमें कार्पोरेशन, इनकम, सिक्युरिटीज ट्रांजेक्शन एवं सभी टैक्स शामिल हैं।

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टॉप टेन टैक्स पेयर्स स्टेट

मुंबई                            7,54,000

कर्नाटक एवं गोवा           3,80, 200

दिल्ली                           2,84,600

तमिलनाडु                      1, 71, 500

पुणे                               1, 60,000

आंध्र प्रदेश-तेलंगाना         1,42,200

गुजरात                           1,35,200

नार्थ-वेस्ट रीजन               1,08,400

वेस्ट बंगाल, सिक्किम        71,500

उप्र (पश्चिमी), उत्तराखंड    48,700

(टारगेट 2026-27/राशि रु. करोड़ में)

 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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