भोपाल:जिला पंचायत उपाध्यक्ष 35 किमी साइकिल चलाकर पहुंचे दफ्तर, बोले- ईंधन भी बचेगा और सेहत भी बनेगी

भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने सोमवार को एक अलग मिसाल पेश की। वे बैरसिया रोड स्थित अपने गांव कनेरा से साइकिल चलाकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। करीब 35 किलोमीटर का सफर उन्होंने लगभग ढाई घंटे में पूरा किया। जाट ने कहा कि अब वे सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल से ही जिला पंचायत कार्यालय आएंगे। उनका मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
जिला पंचायत कार्यालय में हुई सराहना
उपाध्यक्ष के साइकिल से दफ्तर पहुंचने की चर्चा पूरे दिन जिला पंचायत परिसर में रही। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विनोद राजोरिया ने उनका स्वागत करते हुए इसे प्रेरणादायक पहल बताया। राजोरिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने खुद भी आगे से साइकिल चलाने की बात कही।
43 डिग्री से ज्यादा तापमान में तय किया सफर
मोहन सिंह जाट ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद उन्होंने साइकिल से दफ्तर आने का फैसला किया था। हालांकि पहले ही दिन उन्हें भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि जब वे निकले तब तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस के करीब था। तेज धूप और गर्मी के कारण रास्ते में कई बार रुकना पड़ा। पानी की बोतल साथ होने से कुछ राहत मिली लेकिन सफर आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि भविष्य में गर्मी को देखते हुए वे सुबह जल्दी निकलेंगे ताकि सफर अधिक आरामदायक रहे।
ईंधन बचाने के साथ फिटनेस पर भी जोर
उपाध्यक्ष जाट का कहना है कि साइकिल चलाने से पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। उन्होंने बताया कि वे सामान्यतः सीएनजी कार का इस्तेमाल करते हैं लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन की बचत भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल का उपयोग करें। इससे पर्यावरण को फायदा होगा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य भी सुधरेगा।
पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ी सक्रियता
कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद देशभर में ऊर्जा बचत और वैकल्पिक परिवहन को लेकर चर्चा तेज हुई है।
वाहन रैलियों पर विवाद के बाद संगठन हुआ सख्त
प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद शुरुआत में कुछ नवनियुक्त निगम, मंडल और बोर्ड पदाधिकारियों द्वारा वाहन रैलियां निकाले जाने पर आलोचना हुई थी। इस मामले को लेकर पार्टी नेतृत्व की नाराजगी भी सामने आई थी। इसके बाद संगठन ने सख्त रुख अपनाया और नेताओं को ईंधन बचत तथा सादगी का संदेश देने की सलाह दी गई।
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नेताओं के व्यवहार में दिख रहा बदलाव
हालिया घटनाक्रम के बाद कई मंत्री, विधायक और सांसद इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं मोहन यादव ने भी अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम करने का फैसला किया है। ऐसे माहौल में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट की साइकिल यात्रा को ऊर्जा बचत और जनजागरूकता की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।












