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जबलपुर:बांधवगढ़ में हमलावर बाघ की मौत, दोबारा शव का होगा पोस्टमार्टम

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में हमलावर खूंखार बाघ की मौत के बाद वन विभाग और एनटीसीए अलर्ट मोड में नजर आए। बाघ का दूसरा पोस्टमार्टम स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फारेंसिक एंड हेल्थ सेंटर में विशेषज्ञों की मौजूदगी में कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए के प्रोटोकॉल के तहत बाघ का अंतिम संस्कार नेचर पार्क में किया गया।
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बांधवगढ़ में हमलावर बाघ की मौत, दोबारा शव का होगा पोस्टमार्टम
बाघ की मौत

जबलपुर। रविवार को बांधवगढ़ के खेरवा टोला में बाघ ने एक महिला की जान ले ली थी और दो लोगों को घायल कर दिया था। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया था। बाद में वन विभाग ने बाघ को ट्रैंकुलाइज किया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी भी मौत हो गई। एनटीसीए की निगरानी में अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।

दूसरे पोस्टमार्टम के लिए गठित हुई विशेष कमेटी

दोपहर में स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फारेंसिक एंड हेल्थ सेंटर में बाघ का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान एनटीसीए नागपुर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर और गठित कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट देर शाम तक मुख्यालय नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण अधिकारी भी स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए। पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के शरीर से कई सैंपल भी एकत्र किए गए। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

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एनटीसीए अधिकारी भी पहुंचे जांच प्रक्रिया में

बाघ की मौत के बाद नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी भी एक्शन मोड में दिखाई दी। एनटीसीए के अधिकारी अनिल दशहरे दोपहर में एसडब्ल्यूएफएच सेंटर पहुंचे। इसके बाद फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय, सेंटर की डायरेक्टर डॉ. शोभा जावरे, डॉ. अभय सेंगर, डॉ. अमिता दुबे, डॉ. निधि राजपूत और विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. अमोल रोकड़े सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।

आठ साल का था बाघ टी-9

पोस्टमार्टम के बाद फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि मृत बाघ टी-9 था और उसकी उम्र करीब आठ वर्ष थी। दोबारा पोस्टमार्टम के दौरान शव परीक्षण के साथ जरूरी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही बाघ की मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पूरे मामले पर वन विभाग और एनटीसीए लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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ग्रामीणों के हमले में घायल हुए वनकर्मी

रविवार तड़के करीब तीन बजे खेरवा टोला में बाघ ने आंगन में सो रही फूलबाई को मौत के घाट उतार दिया था। उसे बचाने पहुंचे दसैय्या और फुल्ला को भी बाघ ने घायल कर दिया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया और कई गाड़ियां तोड़ दीं। पथराव और मारपीट में पनपथा रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव और पतौर रेंजर अंजू वर्मा सहित कई वनकर्मी घायल हो गए। बाद में वन विभाग ने घर में छिपे बाघ को ट्रैंकुलाइज किया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी भी मौत हो गई।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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