भोपाल :मीडिएशन में पहुंची दो युवतियों ने शादी की तस्वीरें दिखा मांगा पत्नी होने का अधिकार, दोनों मामलों में युवकों का इंकार

पल्लवी वाघेला, भोपाल। कुटुंब न्यायालय संबंधी मीडिएशन सेंटर में पहुंचे दो अलग-अलग मामले चर्चा में हैं। दोनों मामलों में युवतियों ने अपनी शादी की तस्वीरें सामने रखकर अपना पत्नी होने का अधिकार मांगा है। पहले मामले में युवती का दावा है कि सगाई के बाद युवक ने चुपचाप उससे शादी की लेकिन अब वह सार्वजनिक रूप से शादी के लिए मना कर रहा है। हालांकि, मामले में युवक ने खुलासा किया कि यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा है और युवती की मां के दबाव में टोटके के तौर पर की गई चंद रस्मों को विवाह नहीं माना जा सकता। वहीं, दूसरे मामले में युवती द्वारा पेश की गई तस्वीरों पर युवक ने कहा कि थिएटर में रिहर्सल के दौरान मस्ती में ली गई तस्वीरों को युवती हथियार बनाकर उसे ब्लैकमेल करना चाहती है। दोनों मामले विचाराधीन हैं और साक्ष्यों की जांच जारी है।
हाथ में दो शादी का योग
पहले मामले में युवक रोहित नगर क्षेत्र का निवासी है। युवती भी भोपाल से है। दोनों की मुलाकात मेट्रीमोनियल साइट के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों को रिश्ता पसंद था और आगे दोनों परिवार एक-दूसरे को बेहतर रूप से जानने-समझने में लगे थे। युवक वर्तमान में राजस्थान में जॉब कर रहा है। दोनों परिवार प्रतिष्ठित और पढ़े-लिखे हैं। सगाई के दौरान युवती की मां ने होने वाले जमाई का हाथ अपने ज्योतिषी को दिखवाया था। युवक के राजस्थान जाने के बाद युवती की मां उसे लेकर राजस्थान पहुंची और कहा कि तुम्हारे हाथ में अंगुठे के पास दो रेखाएं जा रही हैं, जो बताती हैं कि तुम दो शादी करोगे। ऐसे में मेरी बेटी का भविष्य मुझे अंधकारमय नजर आ रहा है। युवक ने होने वाली सास को बहुत आश्वासन दिए लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रही। अगले दिन उन्होंने युवक को मिलने बुलाया। युवक पहुंचा तो वहां शादी की तैयारी देख घबरा गया। युवती की मां ने कहा कि यह बस एक टोटका है असल शादी नहीं है। यह टोटके वाली शादी कर लो, बाद में जब तुम्हारी विधिवत शादी होगी तो इस तरह दो बार तुम्हारी शादी हो जाएगी और मेरी बेटी का भविष्य सुरक्षित रहेगा। युवक ने बात मान ली। विवाद तब शुरू हुआ जब लंबी चली सगाई के दौरान दोनों परिवार में मतभेद सामने आने लगे। युवक के परिवार ने युवती के संबंध में कुछ ऐसी बातें सुनी की शादी से मना कर दिया। इस पर युवती कोर्ट पहुंच गई और कहा कि उसे पत्नी के अधिकार मिलने चाहिए। यदि युवक सार्वजनिक रूप से शादी नहीं करता है तब भी वह पत्नी के अधिकार से आजन्म भरण-पोषण पाने की अधिकारी है। मामले में युवती ने जो तस्वीरें पेश की हैं उसमें दोनों साधारण कपड़ों में युवती की मां के साथ हैं बस गले में मालाएं डली हैं।
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रील और रियल का कंफ्यूजन
दूसरे मामले में युवक इंदौर में रहकर स्टडी और साथ ही जॉब भी कर रहा है। मामले में उसकी सहपाठी युवती ने तस्वीरें पेश कर शादी का दावा किया है। युवती भी वर्तमान में इंदौर में है, लेकिन मूल रूप से भोपाल की होने के कारण यहां आवेदन लगाया है। हालांकि, युवक ने बताया कि वह दोनों थिएटर से जुड़े हैं। युवक के मुताबिक यह तस्वीरें उनके द्वारा किए नाटक की है। युवती रील बनाना चाहती थी, इसलिए इस दौरान वीडियो और तस्वीरें ली गई थीं। युवक ने कहा कि वह मानता है कि उन दोनों का एक-दूसरे के लिए झुकाव था, लेकिन अब तस्वीरों के बहाने युवती उसपर दबाव बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रही है।
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साक्ष्य की सच्चाई की जांच जरूरी
इस तरह के मामलों में पेश किए गए साक्ष्य की पड़ताल जरूरी है। एआई के इस समय में यह और भी जटिल हो गया है। हालांकि, इस तरह के मामलों में तस्वीरों के साथ ही परिस्थितियों और अन्य आधार पर जांच कर समझौते का प्रयास किया जाता है।
प्रतिभा राजगोपाल, संचालक मध्यस्थता केन्द्र











