MP News :सांदीपनि स्कूलों में RTE वाले स्टूडेंट्स को भी नहीं मिल रहा एडमिशन

रामचन्द्र पाण्डेय, भोपाल। प्रदेशभर में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ सर्व-सुविधायुक्त सांदीपनि स्कूल तो खोले जा रहे हैं, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग इन स्कूलों में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को प्रवेश नहीं दे रहा है। विभाग के फरमान के कारण आरटीई के स्टूडेंट 8वीं तक बड़े प्राइवेट स्कूलों में इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई करने के बाद फिर सरकारी स्कूलों में हिंदी मीडियम की पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस देने की मजबूरी
प्रदेश भर में खुल रहे सांदीपनि स्कूलों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खोला गया है, चूंकि आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चों को यह सुविधा केवल कक्षा 8वीं तक ही है। इसके बाद या तो यह बच्चे प्राइवेट स्कूल की मोटी फीस भरकर 9वीं की पढ़ाई करें या फिर सरकारी स्कूलों में एडमिशन लें। सांदीपनि स्कूलों के खुलने से आरटीई के स्टूडेंट्स में एक उम्मीद जागी थी, लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के एक आदेश ने उनकी मंशाओं पर पानी फेर दिया है। डीपीआई ने आदेश दिया है कि सांदीपनि स्कूलों में केवल सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्रवेश दिया जाए। इस आदेश में वह गरीब बच्चे भी पिस रहे हैं, जो आरटीई के तहत एडमिशन लेकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे थे।
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जनप्रतिनिधि लिख रहे मुख्यमंत्री को पत्र
सांदीपनि स्कूलों में आरटीई के बच्चों को 9वीं में एडमिशन दिलाने के लिए प्रदेश भर से कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पत्र में आरटीई योजना को कक्षा 12 तक करने के साथ ही परेशान बच्चों को सांदीपनि स्कूलों में एडमिशन दिलवाने की मांग की गई है। इंदौर के मुकेश टेटवाल ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।
आरटीई को 12वीं तक किया जाए
हमारे बच्चों ने शासन की योजना आरटीई के तहत 8वीं तक प्राइवेट स्कूलों में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई की है, लेकिन अब बच्चों को कक्षा 9 से फिर सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेकर हिंदी मीडियम से पढ़ाई करना पड़ रहा है। आरटीई को 12वीं तक किया जाए या फिर सांदीपनि स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाए।
जितेंद्र शर्मा, अभिभावक
सांदीपनि और उत्कृष्ट स्कलों में नहीं मिला एडमिशन
मेरी बेटी अनन्या पांडेय ने आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूल से पढ़ाई की है। चूंकि योजना का लाभ कक्षा 8 तक ही छात्रों को मिलता है। आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने की वजह से बिटिया को सांदीपनि, उत्कृष्ट विद्यालयों में एडमिशन के लिए लेकर गया, लेकिन बच्ची को प्रवेश नहीं मिल रहा है।
प्रेमनाथ पांडेय, अभिभावक
सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है
सांदीपनि विद्यालयों में पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकारी स्कूलों के बच्चों को इसका लाभ मिले, इसलिए प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को एडमिशन नहीं दिया जा रहा है। उसके बाद जगह खाली होने पर आरटीई के बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा।
प्रमोद सिंह, संचालक (सांदीपनि स्कूल), लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल












