मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन होगी झमाझम बारिश, 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आपका शहर भी शामिल?

मध्य प्रदेश में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। राज्य में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, जिससे कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में मौसम का रुख बदल सकता है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
अब तक सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक करीब 16.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश की तुलना में 18 प्रतिशत कम है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे है। इसका असर खेती, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।
49 जिलों में बारिश कम, सिर्फ 6 जिलों में स्थिति बेहतर
बारिश की स्थिति पर नजर डालें तो प्रदेश के 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं केवल 6 जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों सहित कई जिलों में अब भी बारिश का इंतजार है। किसानों को भी अच्छी बारिश का इंतजार है ताकि फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके।
प्रमुख शहरों का तापमान
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क्रमांक |
शहर |
अधिकतम तापमान |
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1 |
जबलपुर |
32.7°C |
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2 |
रीवा |
32.2°C |
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3 |
सागर |
31.9°C |
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4 |
सतना |
31.6°C |
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5 |
भोपाल |
30.8°C |
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6 |
ग्वालियर |
30.4°C |
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7 |
उज्जैन |
29.8°C |
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8 |
खजुराहो |
29.4°C |
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9 |
इंदौर |
27.9°C |
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10 |
पचमढ़ी |
24.8°C |
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इन संभागों में सबसे कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल संभाग, जबलपुर संभाग, सागर संभाग, शहडोल संभाग, रीवा संभाग और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस हुआ एक्टिव
मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के ऊपर एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हुआ है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ भी मौसम को प्रभावित कर रही है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिस्टम कुछ दिन और सक्रिय रहता है, तो प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में सुधार हो सकता है।
इन जिलों में हुई अच्छी बारिश
बुधवार को मानसून सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। सबसे अधिक सीधी जिले में 74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद ग्वालियर में 57 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कई शहरों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली।
16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार के लिए प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर और अशोकनगर में तेज बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की भी संभावना जताई गई है।
अगले तीन दिनों तक रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के उत्तरी हिस्से में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जैसे जिलों में लगातार बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
भोपाल में भी बदला मौसम
राजधानी भोपाल में बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहे। शाम के समय कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भोपाल सहित आसपास के इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
बारिश बढ़ी तो सुधर सकते हैं आंकड़े
मौसम विभाग का कहना है कि यदि मौजूदा मौसम सिस्टम मजबूत बना रहता है और अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है, तो प्रदेश में अब तक की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ेगा।
सबसे गर्म और सबसे ठंडा शहर
तापमान की बात करें तो बुधवार को जबलपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
लोगों को बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान नदियों और नालों के पास जाने से बचें, बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले स्थानों में न रुकें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। अगर अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है, तो मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज हो सकती है और अब तक बनी बारिश की कमी में भी काफी सुधार देखने को मिल सकता है।











