MP Weather Update:मानसून की रफ्तार धीमी, अगले 4 दिन नहीं होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में जुलाई के अंतिम दिनों में हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली, लेकिन इससे पूरे प्रदेश में मानसून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य के 55 में से 42 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हालांकि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पिछले दो दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए और जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल सक्रिय मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ रहे हैं। इसलिए अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि अगस्त में नया मौसम तंत्र बनने पर बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है।
1 अगस्त के लिए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 1 अगस्त के लिए पूरे मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, सतना, सीधी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि फिलहाल बहुत भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है।
आज से थमेगा तेज बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दो दिनों से प्रदेश पर असर डाल रही तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं। इसी वजह से अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक या बहुत भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। यदि बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र बनता है, तो अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश का एक नया दौर शुरू हो सकता है।
प्रदेश में अब तक 13 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई महीने में कई बार अच्छी बारिश हुई। इससे प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा। जुलाई के अंत तक राज्य का कुल वर्षा कोटा लगभग पूरा होने की स्थिति में पहुंच गया, लेकिन जून महीने में सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण कुल औसत अब भी पीछे चल रहा है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल, जबलपुर सहित 42 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।
इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक बारिश खरगोन जिले की गोगावां तहसील में दर्ज की गई। यहां करीब 7.6 इंच (लगभग 200 मिमी) बारिश हुई। इसके अलावा बुरहानपुर शहर में लगभग 7 इंच बारिश हुई। बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच पानी बरसा। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
42 जिलों में सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा सहित कुल 42 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
13 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
वहीं प्रदेश के 13 जिलों में इस बार सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर शामिल हैं। इन जिलों में कई स्थानों पर लगातार बारिश से नदी-नाले भर गए हैं और जलभराव की समस्या भी सामने आई है।
मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा बरसे बादल
पिछले 48 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दर्ज की गई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, धार, रतलाम, इंदौर और आसपास के कई जिलों में लगातार तेज बारिश हुई।
कई जिलों में तापमान में भी बदलाव
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम न्यूनतम तापमान खंडवा और खरगोन में 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पचमढ़ी, धार, नरसिंहपुर, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में भी मौसम काफी ठंडा रहा। वहीं सबसे अधिक न्यूनतम तापमान बड़वानी के तालुन क्षेत्र में 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।











