MP Weather Update:अगले 24 घंटे मूसलाधार बारिश का अलर्ट! 3 मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। प्रदेश में एक साथ तीन मजबूत वेदर सिस्टम काम कर रहे हैं, जिसके कारण पिछले करीब 60 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। IMD ने आज प्रदेश के 17 जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटे तक भी मौसम का यही मिजाज बना रहेगा और कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है।
17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तो वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट)
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जिला |
अलर्ट |
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अलीराजपुर |
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) |
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धार |
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) |
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बड़वानी |
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) |
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खरगोन |
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) |
भारी बारिश की चेतावनी
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जिला |
अलर्ट |
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नीमच |
भारी बारिश |
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रतलाम |
भारी बारिश |
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उज्जैन |
भारी बारिश |
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इंदौर |
भारी बारिश |
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सीहोर |
भारी बारिश |
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सिवनी |
भारी बारिश |
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मंडला |
भारी बारिश |
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बालाघाट |
भारी बारिश |
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उमरिया |
भारी बारिश |
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रीवा |
भारी बारिश |
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मऊगंज |
भारी बारिश |
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सीधी |
भारी बारिश |
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सिंगरौली |
भारी बारिश |
भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में भी होगी बारिश
राजधानी भोपाल, इंदौर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, कटनी, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, शाजापुर और मंदसौर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
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जिला |
पूर्वानुमान |
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भोपाल |
हल्की से मध्यम बारिश |
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रायसेन |
हल्की से मध्यम बारिश |
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विदिशा |
हल्की से मध्यम बारिश |
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जिला |
पूर्वानुमान |
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भोपाल |
हल्की से मध्यम बारिश |
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रायसेन |
हल्की से मध्यम बारिश |
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विदिशा |
हल्की से मध्यम बारिश |
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राजगढ़ |
हल्की से मध्यम बारिश |
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ग्वालियर |
हल्की से मध्यम बारिश |
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जबलपुर |
हल्की से मध्यम बारिश |
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कटनी |
हल्की से मध्यम बारिश |
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सागर |
हल्की से मध्यम बारिश |
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दमोह |
हल्की से मध्यम बारिश |
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छतरपुर |
हल्की से मध्यम बारिश |
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टीकमगढ़ |
हल्की से मध्यम बारिश |
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नर्मदापुरम |
हल्की से मध्यम बारिश |
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बैतूल |
हल्की से मध्यम बारिश |
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हरदा |
हल्की से मध्यम बारिश |
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देवास |
हल्की से मध्यम बारिश |
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शाजापुर |
हल्की से मध्यम बारिश |
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मंदसौर |
हल्की से मध्यम बारिश |
मध्य प्रदेश में क्यों हो रही है लगातार बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय मध्य प्रदेश के ऊपर तीन बड़े मौसम सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन तीनों के आपस में मिलने की वजह से ही राज्य में पिछले कई घंटों से लगातार भारी बारिश हो रही है।
- हवा का चक्रवात (साइक्लोनिक सर्कुलेशन)- प्रदेश के आसमान में करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर बादलों और हवा का एक बड़ा चक्रवात घूम रहा है। यह सिस्टम लगातार नए बादल बना रहा है, जिससे बारिश थम नहीं रही है।
- मानसून की मुख्य लाइन (मानसून ट्रफ)- राजस्थान के बीकानेर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मानसून की एक लंबी लाइन बनी हुई है। यह लाइन समुद्र से लगातार भारी नमी खींचकर मध्य प्रदेश ला रही है, जिससे बारिश और तेज हो गई है।
- बादलों का टकराव (पूर्व-पश्चिम शियर जोन)- ऊपरी वायुमंडल में पूर्व और पश्चिम की हवाओं के टकराने से एक विशेष ज़ोन बना है। यह सिस्टम बादलों को बहुत तेजी से घने कर देता है, जिससे कुछ ही समय में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो जाती है।
40 से ज्यादा जिलों में बरसे बादल
बुधवार को मध्य प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई शहरों और गांवों में सड़कें पानी से भर गईं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ जगहों पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि लगातार बारिश से बांधों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है, जिससे जलस्तर में सुधार देखने को मिला है।
बारिश से कम हुआ वर्षा का घाटा
लगातार हो रही बारिश का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि प्रदेश में बारिश की कमी तेजी से कम हुई है। सोमवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर 11 प्रतिशत रह गया है। अब तक प्रदेश में औसतन 307.9 मिलीमीटर (करीब 12.1 इंच) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 347.7 मिलीमीटर (करीब 13.7 इंच) बारिश होनी चाहिए थी।
41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही, तो अधिकांश जिलों में बारिश का घाटा काफी हद तक पूरा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून और मजबूत हो सकता है।
देवास में सबसे ज्यादा, आलीराजपुर में सबसे कम बारिश
बारिश के आंकड़ों के अनुसार इस समय देवास जिला सबसे आगे है। यहां अब तक करीब 18.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं सबसे कम बारिश आलीराजपुर जिले में हुई है, जहां अब तक करीब ढाई इंच वर्षा दर्ज की गई है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर जिन जिलों में ऑरेंज और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
- नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें।
- प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।











