उज्जैन में निकली समर्पण कांवड़ यात्रा,‘बम भोले’ के जयकारों के साथ श्रद्धालु पहुंचे महाकाल के दरबार

सावन के महीने में भोलेनाथ की नगरी उज्जैन में मंगलवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। बाबा महाकाल की धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी में कावड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में बाबा भोलेनाथ के भक्त शामिल हुए। इसमें सबसे खास बात यह रही कि तेज बारिश के बाद भी भक्तों की भीड़ कम नहीं हुई, और त्रिवेणी से शुरू हुई कावड़ यात्रा में श्रध्दालुओं की लंबी कतार देखने को मिली। इसके साथ ही महिला-पुरुषों के साथ बच्चे भी ‘बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए नजर आए।
बैंड-बाजों और जयकारों के बीच निकली कांवड़ यात्रा
सावन माह के दौरान मंगलवार को उज्जैन में समर्पण कांवड़ यात्रा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। सुबह 11 बजे इंदौर रोड स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर, त्रिवेणी घाट से यात्रा की शुरुआत हुई। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजों और जयकारों के बीच कांवड़ का पूजन किया और भगवान महाकाल के दर्शन के लिए रवाना हुए।
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श्रद्धालुओं को मिला आशीर्वाद
समर्पण कांवड़ यात्रा के संयोजक और समाजसेवियों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा शुरू होने से पहले श्री नवग्रह शनि मंदिर परिसर में विधि-विधान से कांवड़ पूजन किया गया। इस दौरान महंत डॉ. रामेश्वर दास जी महाराज, संत श्री नंदन जी महाराज और महंत श्री विनीत गिरी जी महाराज मौजूद रहे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
इन रास्तों से निकली कांवड़ यात्रा
कांवड़ यात्रा श्री नवग्रह शनि मंदिर (त्रिवेणी घाट) से शुरू होकर नानाखेड़ा चौराहा, मुनीम नगर दो तालाब, संतराम सिंधी कॉलोनी चौराहा, शास्त्री नगर, नीलगंगा चौराहा और हरि फाटक ओवरब्रिज होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। रास्ते में कई जगह मंच लगाकर कांवड़ यात्रियों का फूल बरसाकर और जलपान कराकर स्वागत किया गया।
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इस बार यात्रा में नहीं दिखे उत्तम स्वामी
हर साल यह कांवड़ यात्रा उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में निकलती थी, लेकिन इस बार वे यात्रा में नजर नहीं आए। सूत्रों के मुताबिक, उन पर दुष्कर्म के आरोप लगने के बाद आयोजकों ने उनसे दूरी बना ली है। यही वजह रही कि इस बार यात्रा से जुड़े पोस्टर और बैनरों में भी उनकी तस्वीर नहीं लगाई गई।












