Naresh Bhagoria
7 Feb 2026
Shivani Gupta
7 Feb 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को सदन के बाहर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन कर प्रदेश में यूरिया और खाद की किल्लत का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार को किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का दोषी ठहराया।
कांग्रेस विधायकों ने सिर पर खाद की बोरियां उठाकर और नैनो यूरिया की प्रतीकात्मक बोतलों के साथ गांधी प्रतिमा के पास धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस अहम मुद्दे पर सदन में चर्चा से बच रही है और किसानों को मजबूरन नैनो यूरिया इस्तेमाल करने पर मजबूर कर रही है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के किसान इस समय खाद की जबरदस्त किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को जबरन नैनो यूरिया थमा रही है, जबकि उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिंघार ने कहा कि हमने ध्यानाकर्षण नोटिस दिया है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। यह लोकतंत्र का अपमान है और किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल सदन में इस विषय पर बयान दे और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए।
कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री सचिन यादव ने खाद वितरण प्रणाली की नाकामी को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में खाद वितरण व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है और आज भी किसान घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि हर सीजन में यही हाल होता है। किसानों पर एफआईआर तक दर्ज की जा रही हैं। डबल इंजन सरकार सिर्फ दावे करती है, लेकिन किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही।
कांग्रेस के आरोपों के जवाब में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि नैनो यूरिया की गुणवत्ता को लेकर संदेह के मद्देनज़र जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सैंपल लखनऊ की लैब में भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कांग्रेस के प्रदर्शन को "मुद्दा विहीन राजनीति" बताया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए ऐसे प्रतीकात्मक विरोध कर रही है।
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