एमपी कैबिनेट के फैसले: यूनिफॉर्म के लिए बच्चों को 600 रुपए, अग्निवीरों को 5 विभागों में 20% आरक्षण

भोपाल। अग्निवीरों को वनरक्षक, सामान्य आरक्षक, सशस्त्र आरक्षक, जेल प्रहरी और आबकारी आरक्षक के पदों पर 20% आरक्षण मिलेगा। इन पदों की भर्ती में अभी होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। कैबिनेट ने 58 लाख विद्यार्थियों के खातों में DBT के जरिए ₹348 करोड़ ट्रांसफर करने को मंजूरी दी है। वहीं, दमोह-कटनी फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए ₹4,470 करोड़ और अलग-अलग विभागों की करीब ₹24,500 करोड़ की परियोजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
अग्निवीरों को इन पांच पदों पर मिलेगा 20% आरक्षण
मोहन कैबिनेट के फैसले के मुताबिक सेना में सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को पांच विभागों के वर्दीधारी पदों पर 20% आरक्षण दिया जाएगा। इसमें वन विभाग के वनरक्षक, गृह विभाग के सामान्य आरक्षक, SAF के सशस्त्र आरक्षक, जेल विभाग के जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आबकारी आरक्षक पद शामिल हैं। MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इन पदों पर अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
58 लाख छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए मिलेंगे ₹600
कैबिनेट ने कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए ₹600 प्रति यूनिफॉर्म देने को मंजूरी दी है। इसके लिए ₹348 करोड़ की राशि DBT के जरिए विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने इस साल विद्यार्थियों को सिलाकर यूनिफॉर्म देने का फैसला किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट की आपत्तियों और समय पर यूनिफॉर्म उपलब्ध नहीं होने के कारण व्यवस्था बदलने का निर्णय लिया गया है।
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दमोह-कटनी 105 किमी मार्ग होगा फोरलेन
कैबिनेट ने दमोह-कटनी के बीच 105 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन करने के लिए ₹4,470 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह मार्ग स्टेट हाईवे-63 का हिस्सा है और फिलहाल टू-लेन है। सरकार के अनुसार फोरलेन बनने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी, जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय घटेगा। दमोह से कटनी का सफर करीब डेढ़ घंटे कम होने का अनुमान है। परियोजना विंध्य विकास पथ प्रोजेक्ट के तहत हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनाई जाएगी, जिसमें निर्माण के दौरान 40% राशि दी जाएगी और बाकी 60% का भुगतान 15 साल में किस्तों, ब्याज और रखरखाव लागत के साथ किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और वन भूमि के लिए भी प्रावधान
दमोह-कटनी फोरलेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए ₹344.10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मार्ग में करीब 4.7 किलोमीटर वन क्षेत्र आएगा, जिसके लिए वन भूमि डायवर्जन और पर्यावरणीय मंजूरियों पर ₹44.19 करोड़ रखे गए हैं। यह मार्ग सागर-दमोह-कटनी कॉरिडोर का हिस्सा है। इसके अलावा विमुक्त, घुमंतु और अर्ध घुमंतु वर्ग के छात्रावासों में मिलने वाले अनाज की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है और अब अनाज के बजाय विद्यार्थियों को राशि देने का निर्णय लिया गया है।
सिंचाई और स्वास्थ्य परियोजनाओं को भी मंजूरी
कैबिनेट ने अलग-अलग विभागों की ₹24,500 करोड़ की परियोजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें सिंचाई विभाग की चार परियोजनाएं शामिल हैं। रतनगढ़ परियोजना के लिए ₹1,608 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसे 2027 तक पूरा किया जाएगा, जबकि रामपुरा-मनासा योजना के ₹524 करोड़ के प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सिंहस्थ के मद्देनजर कान्ह नदी का पानी गंभीर नदी में मिलाने के लिए 30 किलोमीटर लंबी इंटरनल टनल बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पांच साल के लिए ₹3,113 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। सिंगरौली में बन रहे अस्पताल में 155 बेड बढ़ाने के लिए ₹372 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जबकि छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज की लागत ₹768 करोड़ से बढ़ाकर ₹953 करोड़ कर दी गई है।




















