मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने समाज के डर और राज छिपाने की कोशिश में ऐसा कदम उठा लिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। आरोप है कि एक युवक ने अपनी अविवाहित बेटी से जन्मे नवजात बच्चे को जिंदा दफना दिया। इसके बाद उसने खुद भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
राज छिपाने के लिए उठाया खौफनाक कदम
यह घटना वारासिवनी थाना क्षेत्र के नांदगांव पंचायत की है। जानकारी के मुताबिक, अविवाहित बेटी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। परिवार ने इस बात को लोगों से छिपाने की कोशिश की। आरोप है कि बच्चे के नाना ने नवजात को गोबर के ढेर में गड्ढा खोदकर दफना दिया, ताकि किसी को इस बारे में पता न चल सके।
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बच्चे के रोने की आवाज से हुआ खुलासा
घटना वाली रात आसपास रहने वाले लोगों ने एक नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनी। जब पड़ोसियों ने परिवार से इसके बारे में पूछा, तो उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया। परिवार का व्यवहार देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। इसके बाद गांव के सरपंच ने बैठक बुलाई। बैठक में आशा कार्यकर्ता ने बताया कि परिवार की बेटी कुछ समय से गर्भवती थी। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
गोबर के ढेर से मिला नवजात का शव
पुलिस, डॉक्टर और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में गोबर के ढेर की खुदाई कराई गई। तेज बारिश और अंधेरा होने की वजह से यह कार्रवाई अगले दिन पूरी की गई। खुदाई के दौरान नवजात का शव बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, बच्चे के मुंह और गले में कपड़ा बंधा हुआ मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि दफनाने से पहले बच्चे की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
आरोपी की हालत गंभीर, जांच जारी
घटना सामने आने के बाद बच्चे के नाना ने भी कीटनाशक पी लिया। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
वारासिवनी थाना पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना में परिवार का कोई और सदस्य शामिल था या नहीं। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। यह घटना कई सवाल खड़े करती है। समाज के डर और बदनामी के भय में लिया गया एक फैसला एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गया। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।