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शराब ठेकेदार सुसाइड केस: CBI जांच के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में एकलपीठ ने CBI जांच के दिए थे निर्देश, अब युगलपीठ करेगी फैसला कि जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी या नहीं।
CBI जांच के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती
मंदाकिनी दीक्षित और दिनेश मकवाना

इंदौर हाईकोर्ट में चर्चित शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है। मामले की CBI जांच के लिए हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए देवास की निलंबित आबकारी उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित ने युगलपीठ में अपील दायर की है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस से जांच की वर्तमान स्थिति संबंधी जानकारी मांगी है।

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वीडियो के बाद सुर्खियों में आया था मामला

शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर 2025 को आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन आबकारी उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में मकवाना ने दावा किया था कि उनसे आबकारी विभाग की ओर से हर माह प्रति शराब दुकान एक से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रकम देने के बावजूद उन पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

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वीडियो वायरल होने के बाद निलंबन

मामले ने तूल पकड़ने के बाद 24 नवंबर 2025 को मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद दिनेश मकवाना के परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

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एकलपीठ ने दिए थे CBI जांच के आदेश

याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पुलिस जांच की धीमी गति और कथित निष्क्रियता पर नाराजगी जताई थी। 18 अप्रैल को पारित आदेश में अदालत ने मामले की जांच CBI को सौंपने के निर्देश दिए थे। अदालत का मानना था कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच आवश्यक हो सकती है।

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अब युगलपीठ करेगी फैसला

एकलपीठ के इसी आदेश को चुनौती देते हुए मंदाकिनी दीक्षित ने युगलपीठ में अपील दायर की है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिए कि संबंधित पुलिस थाने से जानकारी प्राप्त कर बताएं कि क्या मामला औपचारिक रूप से CBI को हस्तांतरित किया जा चुका है या नहीं। कोर्ट ने यह जानकारी अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा है।

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अगले सप्ताह होगी अहम सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 8 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में प्रस्तावित है। इसी सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि एकलपीठ का आदेश बरकरार रहेगा या नहीं, और जांच CBI करेगी अथवा राज्य पुलिस के पास ही रहेगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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