सिवनी मालवा में राष्ट्रीय लोक अदालत, 60 मामलों का हुआ निपटारा; 85.52 लाख रुपये का सेटलमेंट

सिवनी। लोक अदालत के उद्घाटन अवसर पर न्यायाधीश अंजली अग्रवाल ने कहा कि लोक अदालत की स्थापना का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारा और सामंजस्य की स्थापना करना है। उन्होंने सभी से पिछले साल से अधिक मामलों में राजीनामा कराकर लोक अदालत को सफल बनाने का प्रयास करने की बात कही। इस दौरान नगरपालिका के 97 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण हुआ, जबकि तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।
पुराने मामलों का किया जा रहा निराकरण
न्यायाधीश अग्रवाल ने कहा कि न्यायालय में चल रहे 5 साल से पुराने मामलों में न्यायालय द्वारा उनका निराकरण माननीय उच्च न्यायालय की सूची अनुसार किया जा रहा है, जिसका बहुत अच्छा आशानुरूप प्रतिशत प्राप्त हुआ है। लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं का विशेष सहयोग रहता है। जिनके द्वारा अपने पक्षकारों को समझाइश के बाद न्यायालय में पक्षकारों के मध्य राजीनामा होने के बाद प्रकरण समाप्त किए जाते हैं।
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प्रिलिटिगेशन मामलों के निराकरण पर जोर
उन्होंने प्रिलिटिगेशन मामलों के लिए उपस्थित विभागों के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों को न्यायालय में आने से पहले ही समझाइश देकर निराकरण कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत अधिवक्ताओं द्वारा अपने पक्षकारों को समझाइश देकर उन्हें राजीनामा के लिए प्रेरित किए जाने से ही सफल होती है। न्यायाधीश सरोज डेहरिया ने कहा कि लोक अदालत लोक हित के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें पक्षकारों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास अधिवक्ताओं और न्यायालय द्वारा पहुंचाया जाता है।
लोक अदालत से भाईचारा बढ़ाने का संदेश
न्यायाधीश सरोज डेहरिया ने कहा कि समाज में आज बहुत अधिक वेमनस्यता फैल रही है, जिसे हम सब मिलकर लोक अदालत के माध्यम से आपसी भाईचारा बनाकर खत्म करा सकते हैं। यही लोक अदालत का उद्देश्य भी है, जहां आपसी राजीनामा बाद प्रकरणों को समाप्त किया जाता है। इस अवसर पर अभिभाषक एनएस यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किये और लोक अदालत को सफल बनाने के प्रयास पर जोर दिया।
पक्षकारों को पौधों का किया वितरण
न्यायालय में राजीनामा कर अपने प्रकरण समाप्त करने वाले पक्षकारों को पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए न्यायाधीशों द्वारा पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर लोक अदालत में सभी अधिवक्ता गण, नगर पालिका सीएमओ अमर सिंह उइके, नपाकर्मी और बैंकों के कर्मचारी गण, न्यायालय कर्मी और पक्षकार मौजूद रहे।
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60 प्रकरणों का हुआ निराकरण
साल की इस तीसरी नेशनल लोक अदालत के माध्यम से एक दिन में ही न्यायालय में लंबित कुल 60 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इसमें दांड़िक प्रकरण, सिविल प्रकरण, चेक बांउस आदि के प्रकरणों में कुल 85 लाख 52 हजार 5 सौ 75 रुपए की राशि दिलाई गई। इसके अलावा नगरपालिका के 97 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिसमें कुल 4 लाख 96 हजार 2 सौ 78 रुपए राशि वसूली गई। कार्यालय तहसीलदार के 11 प्रकरण और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के 130 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।




















