Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सोहागपुर: विल सुपर के छिड़काव से धान की फसल खराब, नुकसान के आंकड़ों में उलझा मुआवजा

सोहागपुर में विल सुपर खरपतवार नाशक के छिड़काव के बाद धान की फसल खराब होने का मामला अब किसानों के नुकसान से ज्यादा आंकड़ों की बाजीगरी में उलझता नजर आ रहा है। किसानों की बर्बादी का वास्तविक आंकड़ा कितना है और धान की फसल सूखने की असली वजह क्या है, इसका स्पष्ट जवाब अभी तक सामने नहीं आया है।
सोहागपुर: विल सुपर के छिड़काव से धान की फसल खराब, नुकसान के आंकड़ों में उलझा मुआवजा
विल सुपर के छिड़काव से धान की फसल खराब

सोहागपुर। सत्ता पक्ष के ज्ञापन में करीब 700 एकड़ धान की फसल नष्ट होने की बात कही गई, जबकि विपक्ष ने 1500 एकड़ फसल प्रभावित होने का दावा किया है। वहीं लगातार मौका मुआयना कर रहे जांच दल के अनुसार अब तक करीब 250 एकड़ फसल खराब होने की बात सामने आई है। विल सुपर की बिक्री पहले पांच दुकानों से होने की जानकारी सामने आई थी, जो अब घटकर दो दुकानों तक बताई जा रही है, जबकि करीब 160 लीटर दवा की बिक्री का आंकड़ा सामने आया है। किसान अब मुआवजे के साथ फसल खराब होने की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार कर रहे हैं।

नुकसान के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे

मामले में सत्ता पक्ष की ओर से कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में करीब 700 एकड़ धान की फसल नष्ट होने की बात कही गई थी। वहीं विपक्ष की ओर से 1500 एकड़ फसल प्रभावित होने का दावा किया गया। दूसरी ओर, लगातार मौका मुआयना कर रहे जांच दल द्वारा अब तक करीब 250 एकड़ फसल खराब होने की बात सामने आने लगी है। इससे किसानों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि वास्तविक नुकसान का आंकड़ा आखिर कौन सा माना जाए।

ये भी पढ़ें: MP के दो IAS अधिकारियों विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ हाईकोर्ट का गिरफ्तारी वारंट

पांच से घटकर दो दुकानों तक पहुंची बिक्री

शुरुआत में विल सुपर खरपतवार नाशक की बिक्री पांच दुकानों से होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन अब यह संख्या घटकर दो दुकानों तक बताई जा रही है। हालांकि एक आंकड़ा ऐसा है जिसमें कोई कमी नहीं आई है। सामने आए विवरण के अनुसार करीब 160 लीटर विल सुपर की बिक्री हुई थी। ऐसे में दवा की बिक्री और उसके उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

160 लीटर दवा से 1600 एकड़ में छिड़काव संभव

जानकारों के अनुसार अगर दवा का निर्धारित डोज एक एकड़ के लिए 100 एमएल माना जाए तो 160 लीटर दवा से करीब 1600 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव किया जा सकता है। ऐसे में यदि जांच में नुकसान केवल 250 एकड़ तक सीमित बताया जा रहा है तो यह भी जांच का विषय है कि बाकी दवा कहां और कितनी मात्रा में उपयोग हुई। इस आंकड़े ने जांच के दायरे को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

Breaking News

निर्धारित डोज या अधिक मात्रा, जिम्मेदारी किसकी?

किसानों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित तरीके से दवा का उपयोग किया था, जबकि दूसरी ओर अधिक मात्रा में खरपतवार नाशक के इस्तेमाल की संभावना भी चर्चा में है। यदि अधिक डोज के कारण फसल सूखी तो यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि इसकी जिम्मेदारी किसान की है या दवा विक्रेताओं ने उपयोग संबंधी सही जानकारी नहीं दी। दवा की गुणवत्ता, निर्धारित डोज और किसानों को दी गई सलाह की भी जांच जरूरी मानी जा रही है।

बिल और बिक्री प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा

मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि जिन किसानों की फसल खराब हुई, उन्हें दवा के बिल उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है कि दवा की बिक्री और उपयोग की पूरी प्रक्रिया क्या रही और संबंधित विक्रेताओं की भूमिका क्या थी। दवा की गुणवत्ता, निर्धारित डोज, किसानों को दी गई सलाह और बिक्री प्रक्रिया-इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

ये भी पढ़ें: पति बना प्रेम कहानी का सबसे बड़ा रोड़ा? नशीली गोलियों के बाद मौत… पत्नी-प्रेमी गिरफ्तार!

कंपनी मुआवजे को तैयार

कृषि विभाग के एक अधिकारी के अनुसार कंपनी से बातचीत चल रही है और कंपनी किसानों को मुआवजा देने के लिए तैयार है। हालांकि एक एकड़ पर कितना मुआवजा दिया जाएगा, इस पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। कृषि विस्तार अधिकारी सुनील कुमार बर्डे ने बताया कि जांच दल लगातार जांच कर रहा है और निर्धारित समयावधि में जांच पूरी कर ली जाएगी। कार्रवाई के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद ही इस संबंध में कुछ बताया जा सकेगा। फिलहाल किसान मुआवजे और फसल खराब होने के वास्तविक कारण के स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। जांच के आंकड़े लगातार बदलने और कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से किसानों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि फसल सूखने की जिम्मेदारी आखिर तय कब होगी और किस पर होगी?

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

Latest Posts