लखीसराय के अशोक धाम में सावन सोमवार पर भगदड़! 8 श्रद्धालुओं की मौत, मृतकों के परिवारों को मुआवजा देगी बिहार सरकार

लखीसराय। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के मौके पर बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। भारी भीड़ के बीच अचानक अफरा तफरी मचने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जानकारी में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या सात बताई गई है। 12 से ज्यादा श्रद्धालुओं के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
जलाभिषेक के लिए उमड़ी थी भारी भीड़
सावन सोमवार होने के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी थी। करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ बढ़ने से लोगों के बीच दबाव बनने लगा और कुछ ही समय में स्थिति बेकाबू हो गई।
करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी
हादसे की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में बिजली के पोल और करंट की अफवाह की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंदिर के पास बिजली का पोल गिरने के बाद लोगों के बीच करंट फैलने की बात तेजी से फैल गई। इससे डरकर श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ा और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि हादसे की पूरी वजह की जांच अभी जारी है।
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बैरिकेडिंग टूटने के बाद बिगड़ी स्थिति
प्रशासन के अनुसार मंदिर के एक तरफ खेत की ओर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी थी। इसी दौरान वहां लगी बैरिकेडिंग टूट गई। इसके बाद लोगों के आगे बढ़ने और पीछे से आ रही भीड़ के कारण दबाव बढ़ गया। कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिरते चले गए। इस वजह से हालात और गंभीर हो गए।
दो ट्रेनों के ठहराव से भी बढ़ी भीड़
लखीसराय के जिलाधिकारी के अनुसार सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनों के रुकने से मंदिर क्षेत्र में अचानक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई। प्रशासन का कहना है कि पहले से मंदिर में काफी भीड़ थी और ट्रेनों के यात्रियों के आने के बाद दबाव और बढ़ गया। इसी दौरान एक तरफ से भीड़ के खेत की ओर बढ़ने से बैरिकेडिंग टूट गई।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव का काम शुरू किया। घायल श्रद्धालुओं को एंबुलेंस की मदद से लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में घायलों का इलाज किया जा रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने की जानकारी भी सामने आई है। हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अचानक भीड़ का दबाव कैसे बढ़ा और बैरिकेडिंग टूटने की स्थिति क्यों बनी। साथ ही मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं।
मृतकों के परिवारों को मिलेंगे 4-4 लाख रुपये
हादसे के बाद बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके साथ ही घायलों को बेहतर और जल्द इलाज उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अशोक धाम की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने मृत श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं रखने का निर्देश दिया है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ललन सिंह बोले- अफवाह से मची भगदड़
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सावन सोमवार के दौरान अचानक भीड़ बढ़ी थी। बिजली का तार गिरने और करंट फैलने की अफवाह के बाद लोग घबरा गए, जिसके चलते भगदड़ मची। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घटना को बेहद दुखद बताया।
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जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बिजली के खंभे और तारों से जुड़ी घटना के बाद अफवाह फैलने से भगदड़ की स्थिति बनी। उन्होंने जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से बात की है। हादसे के कारणों की जांच के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।




















