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किन्नर के डेरों में हुआ क्लेश- दिशेष रहे विशेष :- घंटों तक हंगामे के बीच डटे रहे एडिशनल डीसीपी

अस्पताल में सामूहिक आत्महत्या का किया था प्रयास लेकिन पुलिस ने पेट्रोल को माचिस तक नहीं पहुँचने दिया।
किन्नर के डेरों में हुआ क्लेश- दिशेष रहे विशेष :- घंटों तक हंगामे के बीच डटे रहे एडिशनल डीसीपी
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल किन्नरों के गुरु को समझाते हुए
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर में बुधवार देर शाम को लगभग शहर के नंदलालपूरा इलाके में रहने वाले किन्नरो के  किन्नरों के दो गुटों में चल रहे आपसी विवाद में एक गुट के 24 किन्नरों ने फिनाइल पी लिया। जिसके बाद इनमें से कई की हालत बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस सहित पुलिस वाहनों से किन्नरों को एमवाय अस्पताल पहुंचाया।   पुलिस ने दूसरे गुट की किन्नर सपना गुरू काे हिरासत में लिया है। इसके साथ ही उसके साथी राजा हाशमी, मीडिया से जुड़े अक्षय कुमायू और पंकज जैन को पुलिस तलाश रही है। इन पर आरोप है कि ये पीड़ित किन्नरों को लंबे समय से परेशान कर रहे थे।

    एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने दिखाई सूझबूझ - 

     विवाद के बाद बड़ी संख्या में तीन थानों का पुलिस फोर्स पंढरीनाथ इलाके में पहुंच गया। लेकिन अस्पताल पहुँचने के बाद कुछ किन्नर अस्पताल के बाहर बैठे थे जिसमे से चार किन्नरों ने पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर आत्महत्या करने की धमकी भी दी और पेट्रोल एप ऊपर डालना शुरू किया। गमीनत यह रही कि एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने मौके पर तुरंत किन्नरों के हाथों से बोतले छिननी । उन्हे देख अन्य पुलिसकर्मियों ने भी चार अन्य किन्नर के हाथों से पेट्रोल की बोतल छीनने लगे जिसके बाद छीना-छपटी के बीच अस्पताल में भगदड़ जैसे हालात भी बन गए। जिसके बाद की थानों का पुलिसबल व ज़ोन 4 के डीसीपी भी मौके पर पहुँच गए। बातचीत कर घटना में उक्त कार्यवाही के बाद सभी को समझाईश देने के बाद गुरुवार को सपना हाजी को गिरफ्तार कर लिया गया। वही अन्य फरार बताए जा रहे हैं। 

    गुरुवार को विधायको ने कमिश्नर से की मुलाकात

    मामले में गुरुवार को विधायक गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा कमिश्नर संतोष सिंह से मिले। इस बीच लोगों ने उन्हें रोक लिया और कहा कि सपना दीदी पर लगाए गए आरोप झूठे हैं, उन्हें रिहा किया जाए।  इसके बाद लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। इस पर विधायकों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और वहां से रवाना हो गए।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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