3 घंटे की बहस, फिर भी फैसला नहीं! नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर 29 अगस्त को आएगा निर्णय, SIT ने खंगालने शुरू किए रिकॉर्ड

कटनी। जमीन सौदे से जुड़े मामले में पुलिस जांच के साथ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी बताए जा रहे क्षितिज राज बारापात्रे ने गिरफ्तारी से राहत के लिए जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत की मांग की है। मंगलवार को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लीला लोधी की अदालत में दोनों याचिकाओं पर करीब तीन घंटे तक सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने तत्काल आदेश नहीं दिया। अब 29 अगस्त को मामले में अगली सुनवाई होगी। दूसरी ओर, SIT जमीन सौदे, दस्तावेज और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
FIR के बाद बढ़ी कानूनी मुश्किलें
मामले में कुठला थाने में अपराध क्रमांक 738/26 के तहत FIR दर्ज की गई है। इसमें नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और कांग्रेस नेता मारूफ अहमद हनफी समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। FIR के बाद नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज बारापात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया।
तीन घंटे चली अदालत में बहस
मंगलवार को जिला न्यायालय में दोनों पक्षों ने करीब तीन घंटे तक अपनी दलीलें रखीं। सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और जांच के पहलुओं पर चर्चा हुई। बहस पूरी होने के बावजूद अदालत ने उसी दिन फैसला नहीं सुनाया। अब 29 अगस्त की सुनवाई पर सभी की नजर है।
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SIT ने जांच की रफ्तार बढ़ाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी को दी गई है। उनके नेतृत्व में आठ सदस्यीय SIT मामले की जांच कर रही है। टीम अब अलग-अलग स्रोतों से मिले बयानों और रिकॉर्ड को आपस में मिलाकर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है।
हत्या के आरोपियों से भी लिए बयान
जांच के दौरान SIT ने अदालत की अनुमति लेकर हत्या के आरोपी आकाश लोधी और रमेश लोधी के बयान दर्ज किए हैं। अब इन बयानों की तुलना पहले दर्ज बयानों, दस्तावेजों और अन्य सबूतों से की जाएगी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन सौदे से जुड़े लोगों के बीच क्या संबंध और गतिविधियां थीं।
सील कार्यालय में खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड
तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया का कार्यालय पिछले कुछ दिनों से सील है। SIT की मौजूदगी में कार्यालय खोलकर वहां रखी फाइलों, रजिस्टरों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जानी है। टीम यह भी देखेगी कि जमीन सौदे या संबंधित मामले से जुड़ा कोई पत्राचार या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज वहां मौजूद है या नहीं।
CCTV फुटेज पर भी जांच टीम की नजर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक CCTV फुटेज को जांच में अहम माना जा रहा है। टीम अलग-अलग स्थानों और कार्यालयों के फुटेज जुटाकर संबंधित लोगों की आवाजाही और मुलाकातों की जानकारी देख रही है। इन रिकॉर्डिंग को गवाहों के बयानों से मिलाकर घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जा रही है।
भ्रष्टाचार की धाराएं भी जोड़ी गईं
कटनी SP अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 और 13 को भी मामले में जोड़ा गया है। इससे जांच का दायरा जमीन सौदे के साथ कथित भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े पहलुओं तक बढ़ गया है।
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जमीन के दस्तावेजों की भी पड़ताल
SIT नामांतरण रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि जमीन का सौदा किन परिस्थितियों में हुआ, पैसों का लेन-देन किस तरीके से हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। अब आगे की जांच और अदालत के फैसले पर मामले की दिशा तय होगी।



















