कटनी : ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की किल्लत, देर रात तक लाइन में लग रहे किसान

कटनी। मानसून की दस्तक के साथ ही जिले में खरीफ सीजन की शुरूआत तो हो गई है, लेकिन किसानों के सामने डीजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ढीमरखेड़ा, उमरियापान और सिलौंड़ी सहित ग्रामीण इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। खेतों में ट्रैक्टर चलाने के बजाय किसान पेट्रोल पंपों पर डिब्बे और कुप्पियां लेकर दिन-रात कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। क्षेत्र के 10 में से बमुश्किल 4 पंपों पर ही ईंधन मिल रहा है, वह भी बेहद सीमित मात्रा में।
खरीफ की बोवनी संकट में
रामसुफल, गणेश, इरफान आदि किसानों का कहना है कि यदि समय पर डीजल नहीं मिला तो खरीफ की बोवनी पिछड़ जाएगी और पूरा फसल चक्र बिगड़ जाएगा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। छोटे किसानों की नाराजगी इस बात पर भी है कि उन्हें कुप्पियों में डीजल नहीं दिया जा रहा है। कड़ाके की उमस के बीच किसान भूखे-प्यासे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में चर्चा है कि ईरान-इजरायल युद्ध जैसे वैश्विक तनावों के कारण यह किल्लत बनी हुई है।

दो-चार दिन में समाधान नहीं तो फसल बर्बाद
जुताई और बोवनी का सबसे जरूरी समय चल रहा है, लेकिन हमें खेतों के बजाय पेट्रोल पंप पर रातें गुजारनी पड़ रही हैं। ऊपर से डिब्बों में डीजल देने से मना किया जा रहा है। अगर दो-चार दिन में समाधान नहीं हुआ, तो हमारी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
रामानंद पंडित, किसान, सिलौड़ी
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किसानों की समस्या का जल्द समाधान होगा
जिले में ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति की नियमित निगरानी की जा रही है। तेल कंपनियों से लगातार समन्वय बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई सुचारू करने के प्रयास जारी हैं। जल्द ही किसानों की इस समस्या का स्थाई समाधान कर दिया जाएगा।
आशीष तिवारी, कलेक्टर, कटनी
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