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सीहोर मे एक ने किया दुष्कर्म, दूसरे ने धर्मशाला में लूटी आबरू; दोनों दरिंदों को ताउम्र जेल

सीहोर के रेहटी में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाले दो दरिंदों को विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास और 21,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सीहोर मे एक ने किया दुष्कर्म, दूसरे ने धर्मशाला में लूटी आबरू; दोनों दरिंदों को ताउम्र जेल
सीहोर मे एक ने किया दुष्कर्म, दूसरे ने धर्मशाला में लूटी आबरू

सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में कानून और न्याय व्यवस्था ने अपराधियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। महिला अपराधों में 'जीरो टॉलरेंस' और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाना तय है। शादी का पवित्र झांसा देकर एक बेबस पीड़िता के साथ क्रूरता की हदें पार करने वाले दो हैवानों की जगह अब ताउम्र जेल की काल कोठरी होगी। विशेष न्यायालय (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम), जिला सीहोर ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड की कठोर सजा से दंडित किया है।

पुलिस और अभियोजन की डायरी गवाही देती है कि यह खौफनाक वारदात 11 मई 2024 को अंजाम दी गई। पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ कोलार नदी के पुल के पास लकड़ियां बीनने गई थी। तभी गांव का ही शातिर आरोपी रितेश (23) वहां आ धमका। उसने पीड़िता के परिजनों को शादी के लिए राजी करने का झूठा और फरेबी जाल बुना। बातों के जाल में फंसाकर वह पीड़िता को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर चकल्दी रोड की ओर ले गया। सुनसान इलाके का फायदा उठाकर इस दरिंदे ने सारी हदें पार करते हुए पीड़िता की आबरू लूट ली।

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​ सलकनपुर में दूसरे हैवान की एंट्री

जुर्म का सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि और खौफनाक हो गया। हैवानियत को अंजाम देने के बाद आरोपी रितेश पीड़िता को सलकनपुर ले गया और शाम 5 बजे उसे लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गया। कुछ ही देर बाद इस डरावनी स्क्रिप्ट का दूसरा किरदार आशीष उर्फ गब्बर (34) वहां पहुंचा। उसने रितेश द्वारा भेजे जाने का हवाला देकर डरी-सहमी पीड़िता को अपने साथ लिया और एक धर्मशाला का कमरा किराये पर लेकर उसे वहां कैद कर दिया। रात करीब 9:30 बजे गब्बर कमरे में दाखिल हुआ और मुंह दबाकर जान से मारने की खौफनाक धमकियां देते हुए, पूरी रात पीड़िता के साथ तीन बार जबरन दुष्कर्म किया। सुबह होते ही मौका पाकर पीड़िता उस नरक से भाग निकली और बदहवास हालत में अपने घर पहुंची। खौफ और खराब स्वास्थ्य के कारण वह खामोश रही, लेकिन 14 मई 2024 को उसने हौसला दिखाते हुए रेहटी थाने की दहलीज पर कदम रखा। पुलिस ने बिना कोई देरी किए तत्काल एक्शन लिया। थाना रेहटी पुलिस ने धारा 376(डी), 376(2)(एन), 366, 506 भादवि और 3(2)(अ), 3(1)(w)(ii) एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों पर पुलिसिया शिकंजा कस दिया। पुलिस की सख्त विवेचना और पुख्ता सबूतों के आधार पर  न्यायालय में चालान पेश किया गया।

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ताउम्र सलाखों के पीछे कटेंगे दिन

अदालत के कटघरे में विशेष लोक अभियोजक नारायण सिंह मेवाड़ा ने शासन की ओर से ऐसी पैरवी की। न्यायालय ने सबूतों, गवाहों और अभियोजन के अकाट्य तर्कों पर मुहर लगाते हुए कड़ा फैसला सुनाया। आरोपी आशीष उर्फ गब्बर को धारा 376(2)(एन) व एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास की सजा मिली। ​वहीं, मुख्य साजिशकर्ता रितेश को धारा 376(डी) (आजीवन कारावास), 376(1) (10 वर्ष का सश्रम कारावास) और 366 भादवि (07 वर्ष का सश्रम कारावास) की कठोर सजा से दंडित किया गया। दोनों पर कुल 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। 

Edited By: Sumit Shrivastava

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ को सच और संवेदनशीलता के साथ उठाने का संकल्प ...Read More

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