सोहागपुर: विश्व स्तनपान सप्ताह पर आंगनबाड़ी केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम, शिशु को मां का पहला दूध पिलाना आवश्यक

सोहागपुर। कार्यक्रम सीडीपीओ के निर्देश और सेक्टर सुपरवाइजर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान माताओं को स्तनपान, संतुलित आहार, स्वच्छता और शिशु की नियमित देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान की सलाह
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता पगारे ने बताया कि शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां के दूध में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रचुर मात्रा में होती है। यह नवजात को विभिन्न बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
छह माह तक केवल स्तनपान कराने पर दिया जोर
ममता पगारे ने माताओं को सलाह दी कि जन्म से छह महीने तक शिशु को केवल स्तनपान ही कराया जाए। इस अवधि में शिशु को पानी या अन्य कोई आहार नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे शिशु का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और उसका समुचित विकास होता है।
महिलाओं की समस्याओं का किया समाधान
कार्यक्रम के दौरान माताओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया और उन्हें संतुलित आहार, स्वच्छता और शिशु की नियमित देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। इस अवसर पर पटवारी हिना खान, ग्राम पंचायत सचिव भागमल चौधरी, मालती बाई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ममता पगारे, सहायिका सीता आम्रवंशी सहित ग्राम की गर्भवती और धात्री माताएं, अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।












