कटनी में 112 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प, सिविल सर्जन को सौंपे प्रपत्र

कटनी के माधवनगर स्थित सिंधु भवन में आयोजित कार्यक्रम में 112 नागरिकों ने मरणोपरांत देहदान का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने विधिवत भरे संकल्प-पत्र सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा को सौंपे। देहदानियों ने बताया कि उन्हें संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरणा मिली।
कटनी में 112 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प, सिविल सर्जन को सौंपे प्रपत्र
कटनी में 112 लोगों ने देहदान का संकल्प पत्र सिविल सर्जन को सौंपा।

कटनी। माधवनगर स्थित सिंधु भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मानवता और परोपकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। समाज कल्याण और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 112 नागरिकों ने मरणोपरांत देहदान करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा को सभी देहदानियों ने अपने विधिवत भरे हुए संकल्प-पत्र सौंपे। देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा संत रामपाल जी महाराज की जनकल्याणकारी शिक्षाओं और विचारों से मिली है। उनका उद्देश्य है कि मृत्यु के बाद भी उनका पार्थिव शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, शोध और मानव सेवा के काम आ सके।

समाज के लिए सबसे बड़ा उपहार

देहदान चिकित्सा जगत और समाज के लिए सबसे बड़ा उपहार है। आज भी हमारे समाज में इसे लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता की जरूरत है। 112 नागरिकों द्वारा एक साथ आगे आकर यह कदम उठाना बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है।

डॉ. यशवंत वर्मा, सिविल सर्जन, कटनी

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अस्पताल परिसर में सर्पदंश पीड़ित की 1 घंटे चली झाड़-फूंक!

जिला अस्पताल कटनी में अंधविश्वास और प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सर्पदंश के शिकार एक 29 वर्षीय युवक को परिजन वार्ड से बाहर निकालकर अस्पताल परिसर में ही करीब एक घंटे तक झाड़-फूंक करवाते रहे। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस दौरान मौके पर अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार सुरक्षाकर्मी या स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

अंधविश्वास से बढ़ा खतरा

माधवनगर थाना क्षेत्र के इमलिया निवासी सुमित (29) को शनिवार देर रात सोते समय सांप ने काट लिया था। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उसे वार्ड में भर्ती किया। आराम न मिलने पर परिजनों ने मेडिकल साइंस के बजाय अंधविश्वास पर भरोसा जताया और रविवार दोपहर मरीज को सहारा देकर परिसर में ले आए। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में कटनी सीएमएचओ डॉ. राज ठाकुर ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर में झाड़-फूंक कराए जाने का मामला संज्ञान में आया है। यह गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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