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सुई-धागे से सिले जबड़ों और खौफ के साए में कैद थे जहरीले कोबरे और धामन सर्प, वेटरनरी डॉक्टर्स ने बचाई जान

नागपंचमी पर जबलपुर में वन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर 20 सपेरों के कब्जे से 41 सर्प बरामद किए। इनमें 28 कोबरा और 13 धामन शामिल हैं। 12 कोबरा के मुंह सुई-धागे से सिले और 16 के गोंद से चिपके मिले।
सुई-धागे से सिले जबड़ों और खौफ के साए में कैद थे जहरीले कोबरे और धामन सर्प, वेटरनरी डॉक्टर्स ने बचाई जान
जबलपुर। एसडब्ल्यूएफएच सेंटर में सर्पों सिले हुए मुंह को खोलते हुए डॉक्टर।

जबलपुर। नागपंचमी के पावन पर्व पर सोमवार को शहर में आस्था के साथ जगह-जगह शिवालयों में नाग देवता की पूजा-अर्चना और दूध पिलाने के अनुष्ठान चल रहा था, तो दूसरी ओर वन विभाग की सपेरों को पकड़ने की धरपकड़ भी जारी रही। सुबह से लेकर देर शाम तक चले विशेष अभियान में वन विभाग ने 41 सर्पों को सपेरों से जब्त किया।

जब्त सर्पों में 28 कोबरा और 13 धामन सर्प थे

जब्त किए गए सर्पों में 28 कोबरा व 13 धामन सर्प थे। इनमें से 12 कोबरों के मुंह को सपेरों ने सुई-धागे से सिल दिया था और 16 के मुंह को गम से चिपका दिया था। जब इन सर्पों को उपचार के लिए लाया गया तो वेटरनरी कॉलेज के वाइल्ड लाइफ सेंटर के विशेषज्ञ भी हैरान रह गए कि चंद पैसों के लिए इतनी क्रूरता क्यों? घायल सर्पों को वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स की टीम ने सिले हुए जबड़ों को काटा और उपचार दिया। इसके बाद स्वस्थ पाए गए सर्पों को वन विभाग के सुर्पुद कर दिया गया।

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वाइल्ड लाइफ सेंटर में दिनभर चला जटिल उपचार

रेंजर अपूर्व प्रखर शर्मा ने बताया कि डीएफओ के निर्देशन में नागपंचमी पर्व पर विशेष अभियान चलाया गया है। सुबह से शहर के विभिन्न क्षेत्रों 20 सपेरों से 41 सर्पों को जब्त किया गया है। जब्त किए गए सर्पों को वेटरनरी कॉलेज के वाइल्ड लाइफ सेंटर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए भेजा गया है। इस अभियान में रेस्क्यू प्रभारी गुलाब सिंह सहित अन्य का सहयोग रहा।

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जंगल में छोड़े जाएंगे सुरक्षित

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सभी जब्त सर्पों को उनके प्राकृतिक आवास यानी सुरक्षित घने जंगलों में वापस छोड़ दिया जाएगा। फिलहाल सभी सर्पों को एसडब्ल्यूएफएच सेंटर में रखा गया है। यहां से चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर सर्पों को रिलीज करने की कार्यवाही की जाएगी।

वेटरनरी टीम रही सुबह से ही तैनात

नागपंचमी पर रेस्क्यू व जब्त सर्पों को उपचार देने के लिए वेटरनरी की टीम सोमवार सुबह से ही तैनात रही। टीम में विशेषज्ञ डॉ. सोमेश सिंह, डॉ. अमोल रोकड़े, डॉ. देवेन्द्र पोधाड़े, रिसर्च स्कॉलर डॉ. बबिता सिंह, छात्रा डॉ. चार्मी, डॉ. सुमन, डॉ. लवली ठाकुर, डॉ. पुषेन्द्र, डॉ. विशाल, डॉ. निधि रानी व रेस्क्यू में सर्प मित्र धनंजय घोष, रत्नेश आख्या, अभिलाष वर्षे, रिंकु ठाकुर ने अपनी सेवाएं दीं। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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