उज्जैन में शाही अंदाज में निकले बाबा महाकाल, 6.19 लाख भक्तों ने किए दर्शन

उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के धार्मिक संयोग पर मध्य प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। उज्जैन में भगवान महाकाल राजसी सवारी पर नगर भ्रमण के लिए निकले। वहीं मंदसौर, भोजपुर, सेंधवा, ग्वालियर और रायसेन के प्रमुख मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक किए गए।
महाकाल की राजसी सवारी में दिखे तीन स्वरूप
उज्जैन में भगवान महाकाल की राजसी सवारी श्रद्धा और भक्ति के बीच निकली। सवारी में चंद्रमौलेश्वर पालकी में, मनमहेश हाथी पर और शिव-तांडव प्रतिमा गरुड़ रथ पर विराजमान रहे। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के संयोग के कारण मंदिर और सवारी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने जय महाकाल के जयकारों के साथ भगवान के दर्शन किए।
6.19 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उज्जैन में नागचंद्रेश्वर और महाकालेश्वर मंदिर में अब तक 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए थे। मंदिर के पट आज रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। वहीं महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोल दिए गए थे। इसके बाद से ही श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला जारी है।
मंदसौर में पशुपतिनाथ के विशेष दर्शन
मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ की रजत प्रतिमा को पालकी में विराजित कर भक्तों को दर्शन कराए गए। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए।

नागलवाड़ी में भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक
सेंधवा के नागलवाड़ी शिखरधाम में नागपंचमी के अवसर पर भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को 108 व्यंजनों का भोग लगाया गया। शिखरधाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां अब तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
रायसेन जिले के भोजपुर महादेव मंदिर में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया। यहां महादेव को करीब 6 क्विंटल फूलों से नागेश्वर स्वरूप में सजाया गया।

दूसरे शिवालयों में भी विशेष पूजा
नागपंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर ग्वालियर के प्राचीन नागदेवता मंदिर, रायसेन के सोमेश्वर धाम और गैरतगंज के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और नाग देवता का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूरे प्रदेश में मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।











