हरदा। दो दिन से जारी तनाव और टकराव के बाद सोमवार सुबह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर, कृष्णा अजय पाल, राहुल और नेपाल सिंह सहित 60 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सशर्त रिहा कर दिया। सुबह 7:15 बजे जीवन सिंह शेरपुर और तीन अन्य की रिहाई एसडीएम कुमार शानू देवड़िया की मौजूदगी में हुई, वहीं दोपहर तक अन्य 50 कार्यकर्ताओं को भी रिहा कर दिया गया।
एसडीएम ने जानकारी दी कि सभी कार्यकर्ताओं को लिखित समझौते के तहत रिहा किया गया है। शेरपुर को हरदा जिला सीमा से बाहर छोड़ा गया है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी तरह के प्रदर्शन या आंदोलन में भाग नहीं लेंगे।
रिहाई के बाद वीडियो जारी कर करणी सेना परिवार के अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि फिलहाल किसी भी साथी को हरदा नहीं आना है। आंदोलन स्थगित नहीं हुआ है, केवल नई रणनीति बनाई जाएगी और आगामी तारीख तय की जाएगी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार ने जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास किया, लेकिन हम अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे।
हरदा में शनिवार और रविवार को हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ प्रदेशभर में करणी सेना और राजपूत समाज ने विरोध दर्ज कराया। भोपाल, रतलाम, देवास, विदिशा, होशंगाबाद जैसे शहरों में कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम और धरना प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ, वहीं पुलिस को समझाइश में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सोमवार को हरदा पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। वहीं राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने भी हरदा आने की घोषणा की। माना जा रहा है कि करणी संगठनों की एकजुटता अब आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तार देने की दिशा में जा सकती है।
शनिवार को मोहित वर्मा नामक आरोपी को कोर्ट ले जाते समय करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से आरोपी को उनके हवाले करने की मांग की थी। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। रविवार को चक्काजाम के दौरान हालात फिर बेकाबू हो गए, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और वाटर कैनन का इस्तेमाल करने तक की नौबत आ गई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए नर्मदापुरम, देवास, खंडवा, बैतूल और सीहोर से अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया।
करणी सेना के पदाधिकारी आशीष राजपूत से कथित रूप से हीरा बेचने के नाम पर 18 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई थी। उन्होंने तीन लोगों- विकास लोधी, मोहित वर्मा और उमेश तपानिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोहित को गिरफ्तार किया और शनिवार को कोर्ट में पेश करने जा रही थी। इस दौरान करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया, जिससे टकराव की स्थिति बनी। इसी विवाद ने हरदा समेत कई शहरों में तनाव फैला दिया।