कर्नाटक :ED ने आबकारी के ठिकानों पर मारे छापे, करोड़ों रुपए कैश, ज्वैलरी और विदेशी करेंसी की जब्त

बेंगलुरू। कर्नाटक में आबकारी विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु, मैसूरु और बेलगावी में 14 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई। जांच की शुरुआत कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण के बदले रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया रिश्वतखोरी का संगठित नेटवर्क
ED के अनुसार, जांच के दौरान आबकारी विभाग में रिश्वतखोरी का एक संगठित नेटवर्क संचालित होने के संकेत मिले हैं। आरोप है कि शराब दुकानों से हर महीने तय रकम वसूली जाती थी। इसके अलावा लाइसेंस रिन्यू कराने, दुकान स्थानांतरित करने और नए लाइसेंस जारी करने के बदले भी धन लिया जाता था। एजेंसी का दावा है कि यह राशि बिचौलियों के माध्यम से एकत्र कर संबंधित लोगों में बांटी जाती थी। जांच के दौरान एक गुप्त कैश बुक भी बरामद की गई है, जिसमें कथित लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज था।
परिवार और करीबियों के नाम पर चल रहा था कारोबार
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कुछ अधिकारियों ने अपने परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर शराब लाइसेंस हासिल कर रखे थे। इन लाइसेंसों के जरिए कारोबार संचालित किया जा रहा था और उससे होने वाली आय को वैध कमाई के रूप में दर्शाकर कथित तौर पर काले धन को सफेद बनाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी सिलसिले में आबकारी विभाग के अधिकारी जगदीश नायक, केएम थम्मन्ना और वाईडी मंजूनाथ सहित उनके परिजनों, व्यावसायिक साझेदारों और अन्य सहयोगियों के ठिकानों की तलाशी ली गई।
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छापों में मिले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य
ED की कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, संपत्ति से जुड़े कागजात और कथित रिश्वत लेन-देन का रिकॉर्ड रखने वाली कैश बुक बरामद की गई है। एजेंसी इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों से पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और धन के प्रवाह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
13.3 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
जांच के दौरान वाईडी मंजूनाथ, उनके ड्राइवर, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के ठिकानों से लगभग 5.5 करोड़ रुपए नकद, 7.8 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण और 3.3 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा बरामद की गई है। इस तरह अब तक कुल 13.3 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। ED का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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