दिवाली स्पेशल: 12 साल से बस्तियों के बच्चों की दिवाली रोशन कर रहा कर्मवीर स्वामी विवेकानंद ट्रस्ट - कपड़े, मिठाई और उपहार लेकर पहुंची टीम

इंदौर । दिवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन कुछ ऐसे बच्चे भी हैं, जिनके जीवन में आर्थिक अभाव और अपनों की कमी के कारण त्योहार की खुशियां अधूरी रह जाती हैं। ऐसे बच्चों के बीच कर्मवीर स्वामी विवेकानंद ट्रस्ट और बंजारा जन विकास सेवा समिति पिछले 12 साल से दिवाली की खुशियां लेकर पहुंच रहे हैं।
संस्था के अध्यक्ष प्रकाश मानावत ने बताया कि ट्रस्ट की स्थापना को 12 साल हो चुके हैं। इसमें 15 से 20 सदस्य हैं, जिनमें वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी शामिल हैं। सभी मिलकर आयोजन का खर्च उठाते हैं और हर साल किसी संस्थान, स्कूल, आंगनबाड़ी या झुग्गी बस्ती में जाकर बच्चों के साथ दिवाली मनाते हैं।
कपड़े, मिठाई और उपहार लेकर पहुंची टीम
इस बार भी टीम ने छावनी बाल संरक्षण आश्रम, चंदन नगर की झुग्गी बस्ती और मालचल बेटमा छात्रावास सहित कई स्थानों पर बच्चों को कपड़े, मिठाई, पटाखे, फल, चॉकलेट और जरूरत की चीजें बांटीं। बच्चों को समय-समय पर कॉपी-किताबें भी दी जाती हैं।

बुक बैंक से जरूरतमंद बच्चों को मिलती हैं किताबें
संस्था ने एक बुक बैंक भी बनाया है। परीक्षाएं समाप्त होने के बाद किताबें एकत्र की जाती हैं और उपयोगी किताबें जरूरतमंद बच्चों को दी जाती हैं। इस कार्य में पूर्व डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी तथा पुलिस अधिकारी इमरान शाह और प्रशांत चौबे भी मदद करते रहे हैं।
‘उनके आने से लगता है कि हमारे आश्रम में भी दिवाली है’
आश्रम के बालक संतोष ने बताया, “अंकल हर साल हमारे लिए पटाखे और कपड़े लेकर आते हैं। कई बार खिलौने भी देते हैं। उनके आने से लगता है कि हमारे आश्रम में भी दिवाली है।” बच्ची अंजलि ने बताया, “मुझे इस बार नई फ्रॉक मिली है और दिवाली के चार दिन पहले ही ढेर सारे पटाखे मिल गए थे। हम रोज रात को पटाखे चलाते हैं।”
प्रकाश मानावत ने कहा, “बच्चों के बीच जाते हैं तो उनके चेहरों पर खुशी नजर आती है। पटाखे, मिठाई और कपड़े मिलने पर उन्हें भी लगता है कि इस दुनिया में हमारा भी कोई है। उनकी खुशी देखकर हम सब भी खुश हो जाते हैं।”




















