PU Special :इंदौर में बदला दिवाली की मिठाइयों का स्वाद, मावा-घी की जगह डीहाइड्रेटेड मिठाई की बढ़ी डिमांड

स्वाद की राजधानी इंदौर में इस दिवाली मिठाइयों का टेस्ट बदल रहा है। हेल्थ कॉन्शियस यंग जनरेशन अब ज्यादा घी-चीनी वाली पारंपरिक मिठाइयों के बजाय डीहाइड्रेटेड फ्रूट्स से बने बाइट्स पसंद कर रही है।
इंदौर में बदला दिवाली की मिठाइयों का स्वाद, मावा-घी की जगह डीहाइड्रेटेड मिठाई की बढ़ी डिमांड
इंदौर में बदला दिवाली की मिठाइयों का स्वाद
अखिल सोनी, इंदौर। अंजीर, मैंगो, पाइनएपल, कीवी और पपाया के बाइट्स की डिमांड सबसे ज्यादा है। कॉर्पोरेट ऑर्डर में भी इन हेल्दी मिठाइयों का क्रेज बढ़ा है और कारोबारियों के मुताबिक कुछ जगह 60 प्रतिशत ऑर्डर इन्हीं के मिल रहे हैं। हालांकि, इनके दाम सामान्य मिठाइयों से करीब दोगुने हैं, फिर भी बाजार में मांग बनी हुई है।

अंजीर, मैंगो और कीवी बाइट्स की सबसे ज्यादा डिमांड

इंदौर में इस बार दिवाली पर मिठाइयों का स्वाद पूरी तरह बदल गया है। हेल्थ कॉन्शियस यंग जनरेशन को अब ज्यादा घी-चीनी वाली पारंपरिक मिठाइयों के बजाय डीहाइड्रेटेड फ्रूट्स से बने बाइट्स पसंद आ रहे हैं। अंजीर, मैंगो, पाइनएपल, कीवी और पपाया के बाइट्स की डिमांड सबसे ज्यादा है। खासकर जैन जी में इनका क्रेज तेजी से बढ़ा है।

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ऐसे तैयार होती है डीहाइड्रेटेड मिठाई, ये हैं फायदे

कारोबारियों के मुताबिक, इसे बनाने के लिए ताजे फलों को स्लाइस में काटकर 60 से 70 डिग्री तापमान पर 8 से 10 घंटे डीहाइड्रेटर मशीन में सुखाया जाता है। इससे फलों की करीब 80 प्रतिशत नमी निकल जाती है। इसके बाद खजूर, अंजीर के पल्प और ड्राय फ्रूट्स के साथ बाइंड कर छोटे-छोटे बाइट्स बनाए जाते हैं। इसमें न मावा लगता है, न घी और न ही सफेद चीनी। फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होने के कारण यह पचने में हल्की, लो कैलोरी और लंबे समय तक खराब न होने वाली होती है।
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युवा स्टाफ की डिमांड पर पहली बार दिया बल्क ऑर्डर

इंदौर के व्यापारी योगेश शर्मा ने बताया कि उनके यहां 20 लोगों का स्टाफ है और सभी की उम्र 19 से 26 वर्ष के बीच है। युवा स्टाफ की डिमांड पर उन्होंने पहली बार डीहाइड्रेटेड मिठाई का बल्क ऑर्डर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि दिवाली गिफ्ट में कुछ हेल्दी और अलग दिया जाए, जिसे सभी खा सकें। वहीं, अपना स्वीट्स के संचालक प्रकाश राठौड़ ने बताया कि पहले कॉर्पोरेट ऑर्डर में काजू कतली और बेसन के लड्डू चलते थे, लेकिन अब 60 प्रतिशत ऑर्डर डीहाइड्रेटेड फ्रूट बाइट्स के आ रहे हैं।
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मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु से भी बढ़ी डिमांड

प्रकाश राठौड़ के मुताबिक, इंदौर से ज्यादा मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु से डीहाइड्रेटेड फ्रूट बाइट्स की डिमांड आ रही है। एक बाइट में ही फल का असली स्वाद और मिठास मिल जाती है। त्योहारी सीजन में इनका प्रोडक्शन 3 से 4 गुना तक बढ़ गया है। इस बार मिठाई के दाम भी 20 से 30 प्रतिशत बढ़े हैं। कारोबारियों के मुताबिक, शक्कर, मावा, दूध और घी के दाम बढ़े हैं, वहीं युद्ध के असर और मौसम की मार के कारण ड्राय फ्रूट्स के रेट डेढ़ गुना हो गए हैं। इसके बावजूद बाजार में रौनक कम नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली नवंबर के पहले सप्ताह में है और तब तक कर्मचारियों के अकाउंट में सैलरी आ चुकी होगी, इसलिए महंगाई का असर दिवाली की चमक पर ज्यादा नहीं पड़ेगा।
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हेल्दी मिठाइयों के दाम सामान्य से ज्यादा

दिवाली पर हेल्थ कॉन्शियस मिठाइयों का क्रेज बढ़ा है, लेकिन इनके दाम सामान्य मिठाइयों से काफी ज्यादा हैं। इसके बावजूद यंग जनरेशन और कॉर्पोरेट ऑर्डर में ये मिठाइयां टॉप पर हैं। बाजार में फ्रूट कतली 1200 रुपए किलो, डिस्को पापड़ी 1200 रुपए किलो, फ्रूट्स बाइट 1400 रुपए किलो, कीवी डिलाइट 1400 रुपए किलो और रोज कतली 1600 रुपए किलो के भाव पर बिक रही है। वहीं, सामान्य मावा और बेसन की मिठाइयां 600 से 800 रुपए किलो के बीच हैं। इस तरह प्रीमियम फ्रूट बाइट्स का रेट सामान्य मिठाइयों से लगभग दोगुना है।
Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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