भानुप्रतापपुर में शराब के नशे में स्कूल पहुंचे प्रधानपाठक, FIR के बाद शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

रायपुर/कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सरकारी स्कूल की व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। दुर्गूकोंदल विकासखंड के एक प्राथमिक स्कूल में पदस्थ प्रधानपाठक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की, वहीं शिक्षा विभाग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रधानपाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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शराब के नशे में स्कूल पहुंचे प्रधानपाठक, मचा हड़कंप
मामला दुर्गूकोंदल विकासखंड के मंगहूर प्राथमिक शाला का है। यहां पदस्थ प्रधानपाठक अशोक बेलसरिया बुधवार को कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचे थे। शासकीय स्कूल में इस तरह की स्थिति सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया। घटना की शिकायत के आधार पर बड़गांव पुलिस थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
FIR के बाद शिक्षा विभाग ने भी दिखाई सख्ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई की है। संयुक्त संचालक ने प्रधानपाठक अशोक बेलसरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब विभागीय स्तर पर भी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।
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कलेक्टर के निर्देशों के बीच शिक्षक पर कार्रवाई
कांकेर जिला कलेक्टर कुंदन कुमार लगातार जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में एक शासकीय स्कूल के प्रधानपाठक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगना प्रशासनिक व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के अनुशासन पर सवाल
सरकारी स्कूलों में प्रधानपाठक की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि पूरे विद्यालय की व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने की भी होती है। ऐसे में इस तरह के मामले से शिक्षा व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं शिक्षा विभाग ने निलंबन की कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया है कि स्कूलों में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




















