दिवाली पर पटाखों के धुएं से आंखों को नुकसान, लालिमा, जलन और दर्द को न करें नजरअंदाज; जानें बचाव के आसान तरीके

दिवाली पर दीयों की रोशनी, रंग-बिरंगी सजावट और आतिशबाजी त्योहार की खुशियों को दोगुना कर देती है। लेकिन पटाखों से निकलने वाला धुआं, धूल और बारीक कण आपकी आंखों के लिए परेशानी बन सकते हैं। दिवाली के दौरान कई लोगों को आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और लगातार पानी आने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अक्सर लोग इसे धुएं का सामान्य असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आंखों से जुड़ी कुछ परेशानियां गंभीर भी हो सकती हैं। खासतौर पर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपनी आंखों की सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में जानना जरूरी है कि दिवाली पर पटाखों के धुएं से आंखों को कैसे बचाएं और किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पटाखों का धुआं आंखों के लिए कितना खतरनाक?
पटाखे जलने पर निकलने वाला धुआं और उसमें मौजूद छोटे-छोटे कण आंखों की बाहरी सतह को प्रभावित कर सकते हैं। इससे आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और सूखापन महसूस हो सकता है। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या ड्राई आई की समस्या है, उन्हें ज्यादा परेशानी हो सकती है। कई बार पटाखों से निकलने वाले गर्म कण आंखों में चले जाते हैं, जिससे कॉर्निया को चोट पहुंच सकती है। वहीं पटाखों के सीधे संपर्क में आने से आंखों में गंभीर चोट या जलन भी हो सकती है। इसलिए आतिशबाजी के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
आंखों में लालिमा, दर्द और पानी आने को न करें नजरअंदाज
दिवाली के दौरान आंखों में होने वाली परेशानी को सामान्य समझकर छोड़ना ठीक नहीं है। अगर आंखों में लगातार लालिमा, जलन, दर्द, खुजली या पानी आने की समस्या हो रही है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
- आंखों में लगातार लालिमा रहना।
- बार-बार खुजली और जलन होना।
- आंखों से जरूरत से ज्यादा पानी आना।
- रोशनी देखने में परेशानी होना।
- आंखों में दर्द या भारीपन महसूस होना।
- नजर धुंधली होना या अचानक दिखाई देने में बदलाव आना।
आंखों की लालिमा ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत
आंखों में लालिमा और जलन हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। पटाखों के धुएं से भी ऐसी परेशानी हो सकती है। हालांकि, आंखों की कुछ बीमारियां शुरुआत में बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित हो सकती हैं।
- ग्लूकोमा: इसे काला मोतिया भी कहा जाता है। इस बीमारी में आंखों की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। समय पर पहचान और इलाज नहीं होने पर नजर को स्थायी नुकसान हो सकता है। इसके कुछ प्रकारों में तेज दर्द, आंखों का लाल होना, धुंधला दिखना और रोशनी के आसपास रंगीन घेरे दिखाई देना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- डायबिटिक रेटिनोपैथी: डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। शुरुआती चरण में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ नजर कमजोर हो सकती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए।
दिवाली पर आंखों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये तरीके
त्योहार की खुशियों के साथ आंखों की सुरक्षा भी जरूरी है। कुछ आसान सावधानियां अपनाकर पटाखों के धुएं और धूल से होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है।
- पटाखे जलाते समय सुरक्षित दूरी रखें- पटाखे जलाते समय उनसे उचित दूरी बनाए रखें। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा चश्मा पहनना भी फायदेमंद हो सकता है।
- धुएं से बचने के लिए घर के अंदर रहें- अगर आसपास बहुत ज्यादा पटाखे जलाए जा रहे हैं और धुआं फैल रहा है, तो घर के अंदर रहना बेहतर है। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, ताकि धुआं कमरे में कम आए।
- आंखों को बार-बार न रगड़ें- धुएं या धूल से आंखों में खुजली होने पर उन्हें रगड़ने से बचें। इससे आंखों की सतह पर खरोंच या जलन बढ़ सकती है। जरूरत पड़ने पर साफ पानी या डॉक्टर की सलाह से उपयुक्त आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
- स्क्रीन टाइम कम करें- मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी को लंबे समय तक देखने से आंखों में थकान और सूखापन हो सकता है। बीच-बीच में स्क्रीन से ब्रेक लें और बार-बार पलकें झपकाएं।
- मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस का रखें ध्यान- दिवाली पर मेकअप करते समय एक्सपायर हो चुके कॉस्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल न करें। मेकअप का सामान दूसरों के साथ शेयर करने से बचें। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोग उनकी साफ-सफाई और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों का पालन करें।
- पर्याप्त नींद और आराम लें- त्योहारों की भागदौड़ में देर रात तक जागने से आंखों में थकान बढ़ सकती है। इसलिए पर्याप्त नींद लें और आंखों को आराम दें।
- परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाएं- आंखों में लगातार दर्द, लालिमा या धुंधलापन होने पर घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप या कोई दूसरी दवा इस्तेमाल न करें।
डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज रखें खास ध्यान
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को आंखों की सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का लंबे समय तक अनियंत्रित रहना आंखों की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज के मरीजों में डायबिटिक रेटिनोपैथी का खतरा रहता है। इसकी शुरुआती अवस्था में नजर सामान्य रह सकती है, इसलिए लक्षणों का इंतजार करना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित आंखों की जांच कराना जरूरी है।
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आंखों में पटाखे का कण चला जाए तो क्या करें?
पटाखे का गर्म कण या कोई बाहरी चीज आंख में जाने पर खुद से उसे निकालने की कोशिश न करें। आंख को रगड़ें नहीं और उस पर दबाव न डालें। अगर आंख में केमिकल या पटाखे का कोई पदार्थ चला गया है, तो साफ बहते पानी से लगातार आंख धोएं और तुरंत चिकित्सा सहायता लें। तेज दर्द, चोट या नजर में बदलाव होने पर बिना देर किए इमरजेंसी में जाएं।
दिवाली की खुशियों के साथ आंखों की सेहत का भी रखें ध्यान
दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी का प्रतीक है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आंखों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। पटाखों से सुरक्षित दूरी रखना, धुएं से बचना, आंखों की साफ-सफाई का ध्यान रखना और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है। खासकर डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज नियमित जांच कराएं। याद रखें, आंखों की रोशनी अनमोल है। त्योहार का आनंद लें, लेकिन अपनी आंखों की सुरक्षा से समझौता न करें।



















