जनरेशन गटर बयान पर घिरी कंगना रनौत!CJP बोलीं- फैमिली में भी कोई Gen Z हो तो ऐसी ही बोलेंगी क्या...

एंटरटेनमेंट डेस्क। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट के 'Gen Z' को 'जनरेशन गटर' कहने वाले बयान पर विवाद गहरा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना की भाषा को अशोभनीय बताते हुए उन पर युवाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। इसके जवाब में कंगना ने भी सोशल मीडिया पर सौरव दास को निशाने पर लिया और उन्हें 'बेरोजगार और बेकार' बताया।
क्या है पूरा विवाद?
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CJP के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन पर कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए टिप्पणी की थी। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल Gen Z युवाओं की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'जनरेशन गटर' कहा। इसके बाद यह बयान सोशल मीडिया और राजनीति में चर्चा का विषय बन गया।
सौरव दास- ऐसे शब्दों के उपयोग से बचें
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना के बयान की कड़ी आलोचना की।
कंगना से सौरव दास के 3 बड़े सवाल-
- अगर किसी के परिवार में Gen Z या Gen Alpha का युवा हो, तो क्या उसके लिए भी ऐसी भाषा इस्तेमाल की जाएगी?
- एक जनप्रतिनिधि को युवाओं के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- सौरव ने यह भी कहा कि कंगना CJP आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने सांसद के रूप में उनके कामकाज पर भी सवाल उठाए।
कंगना ने स्टोरी के जरिए सौरव दास को दी समझाइश
कंगना ने कहा कि सौरव 28 साल के हैं और खुद को छात्र बताते हैं, जबकि उन्हें समझ नहीं आता कि वह अब भी छात्र कैसे हैं। कंगना ने कहा कि वह सांसद होने के साथ फिल्म निर्माता, कलाकार, लेखिका और उद्यमी भी हैं, इसलिए काम का दबाव समझती हैं, लेकिन पूरी तरह बेकार और बेरोजगार व्यक्ति इसे नहीं समझ सकता। उन्होंने सौरव को कोई कौशल सीखने की सलाह भी दी।
'जनरेशन गटर' विवाद जिस पर भड़की कंगना
कंगना ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं, खासकर युवतियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था- प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार बेहद भद्दा और अस्वीकार्य है। साथ ही उन्होंने कुछ महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और उन्हें जनरेशन गटर बताया।
विपक्ष ने भी जताई नाराजगी
कंगना के बयान की कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और AIMIM समेत कई विपक्षी नेताओं ने आलोचना की।
विपक्ष के मुख्य आरोप-
- बयान युवाओं और महिलाओं का अपमान करने वाला है।
- एक सांसद से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।











