धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले कैलाश विजयवर्गीय- विदेशी ताकतों के मंसूबे हुए नाकाम, कांग्रेस पर भी साधा निशाना

इंदौर। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को इंदौर में होटल व्यवसायियों और उद्योगपतियों के साथ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को लेकर बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन, विपक्ष की राजनीति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूछे गए सवाल के जवाब में विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस ऐसे मुद्दे पर भी जुलूस निकाल रही है, जिसमें उसकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन विद्यार्थियों का था और कांग्रेस बाद में उसे राजनीतिक रूप देने की कोशिश करती रही। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद विपक्ष पूरी तरह निराश था और उसे लगा कि इस मुद्दे के जरिए उसे राजनीति का अवसर मिल जाएगा। विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस इस आंदोलन में कहीं भी प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी।
'धर्मेंद्र प्रधान ने कार्यकर्ता होने का परिचय दिया'
विजयवर्गीय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे विद्यार्थी परिषद के समय से ही उन्हें जानते हैं और उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन शुरू होने के शुरुआती दौर में ही धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि यदि संगठन को उचित लगे तो वे इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। बाद में पार्टी नेतृत्व के सामूहिक निर्णय के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। विजयवर्गीय ने इसे एक समर्पित कार्यकर्ता की पहचान बताते हुए कहा कि व्यक्ति किसी भी पद पर रहे, उसका उद्देश्य समाज और देश की सेवा होना चाहिए।
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'विदेशी ताकतों के मंसूबे विफल हुए'
मंत्री ने कहा कि उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान के इस कदम से उन विदेशी ताकतों की योजना विफल हो गई, जो देश में अशांति फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनके मंसूबे सफल नहीं हो सके।
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राहुल गांधी और आरएसएस पर भी बोले
राहुल गांधी की ओर से आरएसएस को लेकर दिए जाने वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी की राजनीतिक सोच पर तरस आता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले आरएसएस को समझना चाहिए। विजयवर्गीय ने दावा किया कि यदि आरएसएस नहीं होती तो देश की स्थिति अलग होती। उनके अनुसार आज देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसमें आरएसएस के स्वयंसेवकों के योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने की अपील भी की और होटल एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया।












