हिमाचल के सीबीएसई स्कूलों में बदलेगा यूनिफॉर्म का रंग, शिक्षकों के लिए भी नया ड्रेस कोड

सरकार के फैसले के मुताबिक छात्रों की यूनिफॉर्म ग्रीन कलर स्कीम पर आधारित होगी। स्कूल भवनों को ओलिव ग्रीन और सैंड बैज रंगों में रंगा जाएगा, जबकि महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से स्कूलों को एक जैसी पहचान मिलेगी और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार होगा।
सीबीएसई स्कूलों के लिए तय होगा नया पैटर्न
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के पहनावे के साथ स्कूल भवनों की रंग योजना में भी बदलाव किया जाएगा। शिक्षा विभाग की बैठक में यूनिफॉर्म, शिक्षकों के ड्रेस कोड और स्कूलों की बिल्डिंग की कलर स्कीम को अंतिम रूप देने को लेकर निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों को एक अलग और एकरूप पहचान देना है, ताकि सभी सीबीएसई स्कूलों में एक समान व्यवस्था नजर आए।
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ग्रीन कलर स्कीम पर आधारित होगी यूनिफॉर्म
बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म ग्रीन कलर स्कीम पर आधारित होगी। यानी इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक निर्धारित ड्रेस पैटर्न लागू किया जाएगा। सरकार के मुताबिक तय यूनिफॉर्म से स्कूलों में एकरूपता आएगी और विद्यार्थियों की अलग पहचान भी सुनिश्चित होगी।
स्कूल भवनों पर दिखेगा ओलिव ग्रीन और सैंड बैज रंग
छात्रों की यूनिफॉर्म के साथ स्कूलों की बिल्डिंग के लिए भी एक समान रंग संयोजन तय किया गया है। सीबीएसई स्कूलों के भवनों को ओलिव ग्रीन और सैंड बैज रंगों में पेंट किया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग सीबीएसई स्कूलों की इमारतों में एक समान कलर पैटर्न दिखाई देगा और स्कूलों को एक अलग पहचान मिलेगी।
महिला शिक्षकों के लिए लाइट लिलैक पर्पल ड्रेस
शिक्षकों के पहनावे को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट ड्रेस कोड तय किया है। महिला शिक्षकों के लिए लाइट लिलैक पर्पल रंग की ड्रेस निर्धारित की गई है, जबकि पुरुष शिक्षक लाइट ब्लू ट्राउजर और शर्ट पहनेंगे। सरकार ने शिक्षकों के पहनावे को साफ-सुथरा, फॉर्मल, शालीन और प्रोफेशनल रखने पर जोर दिया है।
शिक्षकों के लिए आईडी कार्ड पहनना जरूरी
ड्रेस कोड के साथ शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान कम से कम एसेसरीज इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल में ड्यूटी के समय शिक्षकों के लिए अपना आईडी कार्ड पहनना भी अनिवार्य होगा, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में अनुशासन और प्रोफेशनल माहौल को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 85 करोड़ होंगे खर्च
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को उनके घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सीबीएसई स्कूलों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और छात्रों, शिक्षकों की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार पहले ही 80 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसके अलावा इन स्कूलों के लिए 5 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे, जिससे शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर काम किया जाएगा।



















