पं. कमल किशोर नागर को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा की मांग, गौशाला समिति ने सौंपा ज्ञापन

हरदा। प्रसिद्ध संत एवं कथावाचक पं. कमल किशोर नागर को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए श्री गुप्तेश्वर गौशाला समिति, हरिपुरा-चारूवा ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर गुरुदेव एवं आश्रम की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। समिति ने यह पत्र कलेक्टर हरदा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है।
मुख्यमंत्री से सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग
समिति की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पं. कमल किशोर नागर धर्मांतरण एवं गौ-संरक्षण जैसे विषयों से जुड़े जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं। समिति ने कथित धमकी को गंभीरता से लेते हुए संत और आश्रम की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है।
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सत्संग के बाद मिली कथित धमकी
पत्र के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को श्री गुप्तेश्वर गौशाला, मुराडास, जिला झाबुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रात्रिकालीन सत्संग का आयोजन किया गया था। समिति का कहना है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा भेंट की गई सामग्री, जिसमें शॉल और श्रीफल आदि शामिल थे, के बीच एक कथित धमकी भरा पत्र मिला। समिति ने पत्र की भाषा और उसमें लिखी धमकी को सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर और चिंताजनक बताया है।
धमकी भरे पत्र की छायाप्रति भी सौंपी
श्री गुप्तेश्वर गौशाला समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पं. कमल किशोर नागर और आश्रम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। समिति ने अपने पत्र के साथ कथित धमकी भरे पत्र की छायाप्रति भी संलग्न की है। सूचना सामने आने के बाद संत समाज और श्रद्धालुओं में भी चिंता का माहौल है।
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पुलिस जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
समिति की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद अब पुलिस एवं प्रशासन की जांच पर नजर है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित धमकी किसने दी और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी। मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन श्री गुप्तेश्वर गौशाला समिति के सदस्यों ने सौंपा। ज्ञापन देने वालों में रामनाथ राजपूत, महेश राजपूत, रामबिलास खोदरे, दर्शन गहलोत, अशोक खोरे, पूनम गुप्ता, मोहन पाटिल, हेमंत राजपूत, जय राजपूत, हरिओम मांगुल्ले, शिवनारायण साध, जुगलकिशोर मालवीय, आदित्य कीर एवं जितेंद्र विश्नोई शामिल रहे।


















