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तिब्बती मूल की महिला क्रिकेटर जेटसन नरबू की इंस्पायरिंग स्टोरी, बचपन में रहना चाहती थी साधारण... लेकिन लड़कियों को बैट थामे देख बदला इरादा

तिब्बती मूल की महिला क्रिकेटर जेटसन नरबू की इंस्पायरिंग स्टोरी, बचपन में रहना चाहती थी साधारण... लेकिन लड़कियों को बैट थामे देख बदला इरादा
स्पोर्ट्स डेस्क। मुंबई में पली-बढ़ी तिब्बत मूल की जेटसन नरबू ची ने अपनी पहचान बनाने के लिए क्रिकेट को चुना। 19 साल की जेटसन का कहना है कि जब वह छोटी थीं तब वह दूसरे लोगों और अपने दोस्तों की तरह साधारण ही रहना चाहती थीं। लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। वो कहती हैं कि क्रिकेट में लगन और मेहनत ने मुझे भीड़ से अलग नजर आने का मौका दिया, न कि मेरी जातीयता ने।

कैसे शुरू हुआ क्रिकेट करीयर

जेटसन के पिता नरबू ची कहते हैं, "जब जेटसन अपनी सफेद क्रिकेट गियर में मैदान में खड़ी होती है, तो लोग उसे सिर्फ एक तिब्बती मूल की लड़की के रूप में नहीं देखते, बल्कि उसे एक क्रिकेटर के रूप में देखा जाता है, जिसमें भारत के लिए खेलने की क्षमता है।" 2018 में एक महिला क्रिकेटर को टीवी पर देखकर जेटसन ने क्रिकेट में दिलचस्पी दिखाई। जेटसन ने अपने पिता से पूछा, "क्या लड़कियां भी क्रिकेट खेलती हैं?" इस सवाल पर जेटसन के पिता ने कहा, "हां, बिल्कुल। क्या तुम भी खेलना चाहती हो?" यहीं से जेटसन की क्रिकेट यात्रा शुरू हुई। उस समय वो सिर्फ 13 साल की थीं।

दृढ़ संकल्प से हासिल की सफलता

कठिन फिजिकल ट्रेनिंग के जरिए जेटसन ने किशोरावस्था में ही क्रिकेट के लिए अच्छा स्टेमिना हासिल किया और विकेटकीपर बनने की राह पर आगे बढ़ीं। जेटसन ने खेल के साथ पढ़ाई भी जारी रखी और जय हिंद कॉलेज से फाइनेंशियल मार्केट में ग्रेजुएशन कर रही हैं। 2021 में उन्होंने सिक्किम महिला क्रिकेट टीम की ओर से खेला और पिछले साल मुंबई टीम के लिए राष्ट्रीय अंडर-19 टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। ये भी पढ़ें- IND vs BAN 1st T20 : ग्वालियर में भारत-बांग्लादेश के बीच पहला टी20 आज, जानें क्या हो सकती है प्लेइंग 11
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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