दमोह जिले में जनवरी से सितंबर तक सड़क हादसों में 199 मौतें, 1020 घायल

दमोह। जिले के विभिन्न सड़क मार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। जनवरी से सितंबर तक जिले में 721 वाहन दुर्घटनाओं के मामले दर्ज किए गए, जिनमें 199 लोगों की मौत हुई, जबकि 1020 लोग घायल हुए। आंकड़े बताते हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ आम नागरिकों की सहभागिता भी बेहद जरूरी है।दुर्घटनाओं के आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह में सबसे अधिक 115 प्रकरण दर्ज किए गए। यातायात पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, नशे में वाहन चलाना और वाहन चलाते समय लापरवाही जैसे कारण दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बने हुए हैं।
रफ्तार पर नियंत्रण से टल सकते हैं कई हादसे
यातायात पुलिस की ओर से लगातार वाहन चालकों को निर्धारित एवं सुरक्षित गति से वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, यातायात संकेतों का पालन तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना जैसे छोटे-छोटे प्रयास गंभीर हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।नशे में वाहन चलाने वालों की जांच के लिए पुलिस द्वारा ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग किया जा रहा है। वहीं प्रेशर हॉर्न और तेज आवाज वाले साइलेंसर के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। छोटे बच्चों को वाहन चलाने से रोकने के लिए उनके पालकों को भी समझाइश दी जा रही है।
हादसे के बाद सिर्फ वाहन नहीं, परिवार की जिंदगी भी टूटती है
सड़क दुर्घटना के बाद नुकसान केवल वाहन तक सीमित नहीं रहता। महंगे वाहन क्षतिग्रस्त होने के साथ कई बार परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य जिंदगी खो देता है या गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांगता का शिकार हो जाता है। ऐसे नुकसान की भरपाई किसी भी कीमत पर संभव नहीं है। दुर्घटना के बाद होने वाला महंगा उपचार परिवार की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है।

दुर्घटनाग्रस्त कार बनी जागरूकता का माध्यम
सड़क हादसों की भयावहता लोगों को समझाने के लिए पुलिस द्वारा जबलपुर की ओर जाने वाले बाईपास मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त कार को प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को यह संदेश देना है कि सड़क पर की गई छोटी सी लापरवाही किस तरह गंभीर हादसे का रूप ले सकती है। पुलिस द्वारा ग्रामीण अंचलों में भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कई स्थानों पर हेलमेट वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
ये भी पढ़ें: मैहर में भीषण सड़क हादसा, दमोह के दो सगे भाइयों की मौत; झपकी आने से अनियंत्रित हुई कार
सड़क पार करने से पहले रुकें, देखें, सुनें और सोचें
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों की जागरूकता भी बेहद जरूरी है सड़क पार करने से पहले रुकना जरूरी है। इसके बाद सड़क के दोनों ओर देखें और वाहनों की आवाज पर ध्यान दें। इसके बाद यह सोचें कि सड़क पार करना सुरक्षित है या नहीं।
पुलिस की अपील: कार्रवाई से ज्यादा जरूरी लोगों की सहभागिता
यातायात प्रभारी दलबीर सिंह मार्को ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस लगातार चालानी कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन इसमें आम लोगों की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। वाहन चालकों को स्वयं जागरूक होकर यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। किसी भी प्रकार का नशा करने के बाद वाहन नहीं चलाना चाहिए। निर्धारित गति से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने से कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
ये भी पढ़ें: दमोह: अमानक स्पीड ब्रेकर बन रहे दुर्घटनाओं का कारण, वाहन चालकों हुए परेशान




















