राजगढ़ जिला अस्पताल में डिलीवरी के कुछ घंटे बाद महिला की मौत, रिश्वत और इलाज में लापरवाही के आरोप

राजगढ़। जिला अस्पताल में प्रसव के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत के बाद परिजन ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मृतका अमरी बाई के परिवार का आरोप है कि डिलीवरी कराने के नाम पर एक नर्स ने रिश्वत की मांग की और प्रसव के बाद महिला को तेज ब्लीडिंग होने पर समय पर इलाज नहीं दिया गया। परिजन का दावा है कि इलाज में कथित लापरवाही के कारण अमरी बाई की मौत हुई। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। मामले को लेकर धरना भी दिया गया। मौके पर पहुंचीं एसडीएम निधि भारद्वाज ने परिजन को मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है और अब रिपोर्ट का इंतजार है।
5 हजार की मांग का आरोप
परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर अमरी बाई को प्रसव के लिए राजगढ़ जिला अस्पताल लाया गया था। परिवार का आरोप है कि वहां तैनात नर्स ने बच्चे की स्थिति गंभीर बताते हुए डिलीवरी कराने के एवज में 5 हजार रुपए की मांग की। परिजन ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, जिसके बाद कथित तौर पर 2 हजार रुपए में बात तय हुई। मृतका के पति दिनेश ने नर्स को यह रकम दी। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे अमरी बाई ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि डिलीवरी के बाद कुछ समय तक महिला की स्थिति सामान्य थी लेकिन देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।
रात 12 बजे शुरू हुई ब्लीडिंग
परिवार के मुताबिक रात करीब 12 बजे अमरी बाई को अचानक तेज ब्लीडिंग होने लगी। इसके बाद उनकी सास धापू बाई नर्स को बुलाने के लिए गईं। परिजन का आरोप है कि उस समय नर्स के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने के बाद भी नर्स ने तत्काल मदद नहीं की और महिला को देखने नहीं आईं। परिवार का कहना है कि समय पर उपचार नहीं मिलने से अमरी बाई की हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत के सही कारण और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
पत्नी की मौत की खबर झालावाड़ पहुंचने पर पति लौटे
अमरी बाई के पति दिनेश राजस्थान में मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। परिजनों के मुताबिक उस समय उनके पास कुल 4 हजार रुपए थे। इनमें से 2 हजार रुपए नर्स को देने और 500 रुपए अपने पिता को देने के बाद वह राजस्थान के लिए रवाना हो गए थे। दिनेश के अनुसार वह झालावाड़ पहुंच ही पाए थे, तभी उन्हें पत्नी की मौत की सूचना मिली। खबर मिलते ही वह तुरंत राजगढ़ लौट आए।
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अस्पताल पहुंचे ग्रामीण, धरने पर बैठे पूर्व विधायक
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और रिश्तेदार बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। मामले में पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर और हेमराज कल्पोनी भी परिजनों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने रिश्वतखोरी और इलाज में लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम ने जांच का भरोसा देकर कराया धरना खत्म
विवाद की जानकारी मिलने पर एसडीएम निधि भारद्वाज मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजन से बात कर भरोसा दिलाया कि रिश्वतखोरी और इलाज में लापरवाही से जुड़े आरोपों की जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि जांच में यदि संबंधित स्टाफ दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन और समर्थकों ने धरना समाप्त कर दिया।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
अमरी बाई के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है। अब प्रशासन और परिजन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि महिला की मौत किस चिकित्सकीय कारण से हुई और क्या इसमें इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही की भूमिका थी। फिलहाल मामले में रिश्वत लेने और उपचार में लापरवाही के आरोप परिजन की ओर से लगाए गए हैं। प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है और जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।




















