शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर में धधक उठा युवक! खुद पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 70% झुलसा

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर से गुरुवार शाम एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। मंदिर परिसर में राजस्थान से आए एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की चपेट में आने से युवक करीब 70% तक झुलस गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और युवक को बचाने की कोशिश की। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
शाम करीब 8 बजे मंदिर परिसर में मची खलबली
मिली जानकारी के अनुसार, युवक मंदिर परिसर में मौजूद था। आरोप है कि उसने खुद पर पेट्रोल छिड़का और इसके बाद आग लगा ली। अचानक युवक के शरीर से आग की लपटें निकलती देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए। कुछ ही देर में मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक युवक गंभीर रूप से झुलस चुका था। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दी गई। एंबुलेंस की मदद से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया।
70% तक झुलसा युवक, हालत गंभीर
आग की वजह से युवक का शरीर करीब 70% तक झुलसने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस उसकी पहचान और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
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राजस्थान का रहने वाला बताया जा रहा युवक
शुरूआती जानकारी के मुताबिक, घायल युवक की पहचान 36 वर्षीय रामदास पुत्र गजानंद के रूप में बताई जा रही है। वह राजस्थान के जहालबाड़ इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ज्वालामुखी मंदिर कब पहुंचा था और क्या वह अकेला मंदिर आया था या उसके साथ कोई और व्यक्ति भी था। उसके मंदिर पहुंचने और घटना से पहले की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम भी मंदिर परिसर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक ने वास्तव में खुद पर पेट्रोल डाला था या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया। घटनास्थल से मिले सामान और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि युवक ने मंदिर परिसर में खुद को आग क्यों लगाई। अभी तक इसके पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या युवक किसी परेशानी में था, क्या उसने पहले किसी से इस बारे में बात की थी या फिर मंदिर आने के पीछे उसका कोई अलग उद्देश्य था। पुलिस उसके परिवार और परिचितों से भी जानकारी जुटा सकती है।
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भीड़ होती तो बड़ा हादसा हो सकता था
मंदिर परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर उस समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद होते तो आग की वजह से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी। हाल के दिनों में धार्मिक स्थलों पर भीड़ के कारण हादसों की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में ज्वालामुखी मंदिर जैसी जगहों पर सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के पीछे की असली वजह युवक के बयान और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।


















