गश्त पर निकले ASI को गोलियों से भूना! ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ ने ली जिम्मेदारी, शहजाद भट्टी से भी जुड़ा नाम

पंजाब के अमृतसर में पुलिस के एक अधिकारी की गोली मारकर हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह गुरुवार देर रात गश्त पर थे। इसी दौरान भगतांवाला दाना मंडी के पास बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल हरजीत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नाम के संगठन की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया। हालांकि, पंजाब पुलिस ने अभी इस दावे की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस हमले के पीछे के लोगों और मकसद का पता लगाने में जुटी है।
1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृतक ASI के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। वहीं पुलिस हमलावरों की पहचान और इस हमले के पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
गश्त के दौरान ASI पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, ASI हरजीत सिंह ड्यूटी के दौरान इलाके में गश्त कर रहे थे। रात करीब 2:30 बजे के आसपास वह दाना मंडी के पास पहुंचे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद हरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इस घटना को लेकर पुलिस ने हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते की जानकारी जुटाने के लिए इलाके के CCTV कैमरों की जांच समेत कई पहलुओं पर काम शुरू किया है।
TTH का नाम फिर चर्चा में क्यों आया?
हरजीत सिंह की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर TTH के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया। यह वही नाम है, जो वर्ष 2026 में पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हुए कुछ हमलों के बाद चर्चा में आया था। फरवरी 2026 में गुरदासपुर इलाके में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद भी TTH नाम से जिम्मेदारी लेने वाले पोस्टर और संदेश सामने आए थे। उस समय पंजाब पुलिस ने इस संगठन की मौजूदगी और दावे को लेकर सवाल उठाए थे। मई 2026 में अमृतसर के मजीठा इलाके में ASI जोगा सिंह की हत्या के बाद भी TTH के नाम से एक पोस्टर सामने आया था। उस मामले में भी पोस्टर की प्रामाणिकता की पुष्टि होना बाकी बताई गई थी।
आखिर क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान?
TTH यानी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का इस्तेमाल वर्ष 2026 में कई आपराधिक और हिंसक घटनाओं के बाद सामने आया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां इसकी गतिविधियों को पाकिस्तान स्थित नेटवर्क और शहजाद भट्टी से जोड़कर देख रही हैं। हालांकि, TTH को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे पारंपरिक और स्पष्ट संगठनात्मक ढांचे वाले आतंकी संगठन के रूप में लेकर अभी भी जांच जारी है। कुछ रिपोर्टों में इसे कथित तौर पर एक प्रॉक्सी नाम या नेटवर्क के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। पंजाब पुलिस ने पहले भी कहा था कि राज्य या भारत में इस नाम के किसी स्वतंत्र संगठन की मौजूदगी का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
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शहजाद भट्टी का नाम क्यों जुड़ रहा है?
TTH से जुड़ी जांच में पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर और कथित आतंकी नेटवर्क संचालक शहजाद भट्टी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, भट्टी का नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए लोगों की भर्ती, हथियारों की व्यवस्था और हिंसक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। सितंबर 2026 में गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। सरकारी कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्टों में TTH को भी इसी नेटवर्क से जुड़े नाम के तौर पर बताया गया है। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जोड़ने और उन्हें अलग-अलग तरह के काम सौंपने के लिए किया गया। इनमें निगरानी, हथियार पहुंचाना और हमलों से जुड़े काम शामिल होने का दावा किया गया है।
ISI कनेक्शन को लेकर क्या सामने आया?
भारतीय जांच एजेंसियों और सरकारी कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्टों में शहजाद भट्टी नेटवर्क के कथित संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से बताए गए हैं। अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया है कि TTH नाम का इस्तेमाल कथित तौर पर इसी नेटवर्क के लिए किया गया। हालांकि, किसी भी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले ऑनलाइन पोस्ट या पोस्टर को अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसलिए हर दावे की तकनीकी और जांच एजेंसियों की पुष्टि जरूरी है। हरजीत सिंह हत्याकांड में भी पुलिस इसी दिशा में जांच आगे बढ़ा रही है।
पंजाब पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता
ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।


















