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Semicon India 2026 में दिखी ऐसी तकनीक, जो सेकेंडों में पकड़ेगी खामी; CM डॉ. मोहन यादव आज करेंगे शिरकत

Semicon India 2026 में सेमीकंडक्टर की दुनिया की कई नई तकनीकें देखने को मिल रही हैं। दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इस आयोजन में ऐसी तकनीक भी सामने आई है, जो चिप निर्माण के दौरान होने वाली छोटी से छोटी गड़बड़ी को तेजी से पहचानने में मदद कर सकती है।
Semicon India 2026 में दिखी ऐसी तकनीक, जो सेकेंडों में पकड़ेगी खामी; CM डॉ. मोहन यादव आज करेंगे शिरकत
Semicon India 2026 का दूसरा दिन

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित Semicon India 2026 में भारत अपनी सेमीकंडक्टर क्षमता और नई तकनीकों को दुनिया के सामने पेश कर रहा है। इस आयोजन में देश-दुनिया की कई बड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूत करना, चिप उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और इस क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करना है। सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अगले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े निवेश की योजना है। इसका मकसद भारत में चिप निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, जांच, गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक का पूरा इकोसिस्टम तैयार करना है। इसी दिशा में AI, सेंसर और हाई-प्रिसीजन इमेजिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

सेमीकॉन इंडिया 2026 में शामिल होंगे CM

मध्य प्रदेश को हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी Semicon India 2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के राज्य पवेलियन का निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही वे अलग-अलग वैश्विक निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

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स्वीडन-जापान के निवेशकों से होगी वन-टू-वन बैठक

मुख्यमंत्री मोहन यादव के दौरे में स्वीडन और जापान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े निवेश को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री निवेशकों को मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, जमीन और बिजली की उपलब्धता तथा राज्य में उद्योग लगाने की संभावनाओं के बारे में जानकारी देंगे।

मध्यप्रदेश की नजर बड़े टेक निवेश पर

मध्यप्रदेश सरकार हाईटेक उद्योगों को राज्य में लाने के लिए अपनी औद्योगिक क्षमता को निवेशकों के सामने रखने की कोशिश कर रही है। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आने से मैन्युफैक्चरिंग के साथ तकनीकी नौकरियों और नए उद्योगों के अवसर भी बढ़ सकते हैं। Semicon India 2026 के जरिए भारत जहां वैश्विक स्तर पर अपनी सेमीकंडक्टर क्षमता दिखा रहा है, वहीं मध्यप्रदेश भी इस तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले वर्षों में AI, सेंसर, चिप डिजाइन और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग भारत के तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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चिप में छोटी गड़बड़ी भी पकड़ लेगी नई तकनीक

सेमीकॉन इंडिया 2026 में ऐसी तकनीक भी प्रदर्शित की जा रही है, जो सेमीकंडक्टर निर्माण के दौरान होने वाली छोटी-से-छोटी गड़बड़ी को पहचानने में मदद कर सकती है। इनमें मल्टी-सेंसर मॉड्यूल और वेफर हैंडलिंग टेक्नोलॉजी खास आकर्षण का केंद्र है। RayVector की ओर से प्रदर्शित तकनीक का उद्देश्य चिप निर्माण के दौरान वेफर की जांच और उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। किसी चिप में बहुत छोटी खराबी भी अगर समय रहते सामने नहीं आए तो आगे चलकर कंपनी को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ऐसे में सेंसर और AI आधारित जांच तकनीक उत्पादन प्रक्रिया को ज्यादा सटीक बनाने में मदद कर सकती है।

सेमीकंडक्टर में AI और सेंसर का बढ़ता इस्तेमाल

आज सेमीकंडक्टर उद्योग केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं है। चिप बनाने की पूरी प्रक्रिया में बेहद सटीक मशीनों, इमेजिंग सिस्टम, सेंसर और डेटा विश्लेषण की जरूरत होती है। इसी वजह से AI आधारित विश्लेषण और स्मार्ट सेंसर तकनीक इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण होती जा रही है। मशीनों से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण कर उत्पादन के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं को समझने में मदद मिल सकती है।

रिसर्च से प्रोडक्ट तक पहुंचाने पर जोर

RayVector के फाउंडर और CEO श्रीकांत के. अवधानी के मुताबिक कंपनी का लक्ष्य जटिल सेमीकंडक्टर तकनीक को रिसर्च तक सीमित रखने के बजाय उसे वास्तविक उत्पादों में बदलना है। कंपनी सेंसर और विजन तकनीक के क्षेत्र में अपनी तकनीक और उत्पाद विकसित करने पर ध्यान दे रही है। इसके जरिए भारत में ऐसी तकनीक तैयार करने का प्रयास है, जिसका इस्तेमाल देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी किया जा सके। कंपनी के काम में रिसर्च, इंटेलिजेंस, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और बड़े स्तर पर उत्पादन जैसे कई चरण शामिल हैं। AI, हाई-प्रिसीजन इमेजिंग, सेंसर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग को एक साथ जोड़कर सेमीकंडक्टर जांच, स्मार्ट सेंसर, ऑटोमेटेड विश्लेषण और AI आधारित मैन्युफैक्चरिंग के लिए समाधान विकसित किए जा रहे हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है सेमीकंडक्टर सेक्टर?

सेमीकंडक्टर आज मोबाइल फोन, कार, कंप्यूटर, मेडिकल उपकरण, रक्षा तकनीक और कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दुनिया में चिप की मांग बढ़ने के साथ इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व भी बढ़ा है। भारत लंबे समय से सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। Semicon India 2026 जैसे आयोजन कंपनियों, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और सरकार को एक मंच पर लाने का काम कर रहे हैं। भारत का प्रयास केवल चिप की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना नहीं है, बल्कि डिजाइन, टेस्टिंग, पैकेजिंग, सेंसर और इससे जुड़ी दूसरी तकनीकों में भी अपनी क्षमता विकसित करना है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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