दिल्ली से गुजरात तक फैला खतरनाक नेटवर्क! 12 करोड़ की हेरोइन के साथ आरोपी गिरफ्तार, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक बड़े नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। संयुक्त अभियान में पुलिस ने 2 किलोग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद हेरोइन पाकिस्तानी मूल की है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपए है। इस कार्रवाई में राजस्थान के चुरू जिले के रहने वाले 31 वर्षीय कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि कुलदीप का संबंध रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना गैंग से जुड़े नेटवर्क से है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और दूसरे राज्यों के अलावा पाकिस्तान तक कितने जुड़े हुए हैं।
10 करोड़ के एक्सटॉर्शन केस में वांटेड था आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार कुलदीप स्वामी एक बड़े नार्को-एक्सटॉर्शन मॉड्यूल का हिस्सा था। वह गुजरात के वडोदरा में दर्ज करीब 10 करोड़ रुपए की कथित वसूली के एक हाई-प्रोफाइल मामले में वांटेड था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क में नशीले पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली के बीच संबंध हो सकता है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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2 किलो हेरोइन के साथ कार और हवाला से जुड़ा सामान मिला
स्पेशल सेल के मुताबिक, आरोपी के पास से 2 किलोग्राम हाई-क्वालिटी हेरोइन बरामद हुई है। इसके अलावा पुलिस ने एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की है। जांच के दौरान पुलिस को कार में एक खास तरह की गुप्त जगह यानी सीक्रेट कैविटी भी मिली। पुलिस को आशंका है कि इस जगह का इस्तेमाल नशीले पदार्थ या दूसरे अवैध सामान को छिपाकर ले जाने के लिए किया जा सकता था। इसके साथ ही पुलिस ने एक ऐसा करेंसी नोट भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर हवाला लेन-देन से जुड़े टोकन के सत्यापन के लिए किया जाता था। अब जांच एजेंसियां बरामद सामान और उसके इस्तेमाल के तरीके को खंगाल रही हैं।
पाकिस्तान से जुड़े ड्रग नेटवर्क की भी जांच
इस मामले में पुलिस की जांच केवल गैंगस्टर नेटवर्क तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद हेरोइन का स्रोत क्या है और इसे भारत तक कैसे पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में पाकिस्तान आधारित नारकोटिक्स नेटवर्क से संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशीले पदार्थों की सप्लाई, हवाला के जरिए पैसों का लेन-देन और एक्सटॉर्शन की गतिविधियां आपस में किस तरह जुड़ी हुई थीं।
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रोहित गोदारा गैंग से कनेक्शन की भी जांच
गिरफ्तार आरोपी के कथित गैंग कनेक्शन को लेकर भी जांच चल रही है। पुलिस रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना से जुड़े नेटवर्क में कुलदीप की भूमिका की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता करने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी की जिम्मेदारी क्या थी, वह किन लोगों के संपर्क में था और कथित तौर पर किस तरह के काम में शामिल था।
मार्च में भी पकड़ा गया था गैंग से जुड़ा शूटर
इससे पहले मार्च 2026 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े एक कथित शूटर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उसके पास से एक लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। स्पेशल सेल की उस जांच में पुलिस ने दावा किया था कि संबंधित गैंग दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में कथित तौर पर एक्सटॉर्शन के लिए फोन कर रहा था।
मुखबिरों के इनपुट से हुई थी पिछली गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, मार्च की कार्रवाई में मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर टीमों को पंजाब और उत्तर प्रदेश भेजा गया था। इसके बाद 23 मार्च 2026 को आरोपी को दिल्ली के सैनिक विहार इलाके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया था कि उसे पंकज राजपूत ने अवैध हथियार उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार, उसी के जरिए आरोपी की गैंगस्टर वीरेंद्र चरण से पहचान हुई थी।
















