'पूरी दिल्ली बंद कर देंगे…'DMRC ने अगले आदेश तक बंद किए 16 मेट्रो स्टेशन, अभिजीत दीपके ने सरकार को घेरा

दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गुरुवार, 23 जुलाई को भी 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया है। यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। DMRC के अनुसार, ये सभी स्टेशन सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि, कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को लाइन बदलने की सुविधा मिलती रहेगी। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के बाद राजधानी में आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली मेट्रो के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, मोदी पूरी दिल्ली बंद करने को तैयार हैं, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को नहीं। दीपके का कहना है कि सरकार आंदोलन को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है, लेकिन छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए।
किन-किन मेट्रो स्टेशनों को किया गया बंद?
DMRC ने जिन 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद किया है, उनमें राजधानी के कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
बंद किए गए स्टेशन-
राजीव चौक
सुप्रीम कोर्ट
मंडी हाउस
आईटीओ
लोक कल्याण मार्ग
पटेल चौक
रामकृष्ण आश्रम मार्ग
बाराखंबा रोड
सेवा तीर्थ
जनपथ
केंद्रीय सचिवालय
दिल्ली गेट
इंद्रप्रस्थ
खान मार्केट
जोर बाग
शिवाजी स्टेडियम
इन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट पूरी तरह बंद रहेगी।
इन स्टेशनों पर मिलेगी इंटरचेंज की सुविधा
DMRC ने स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को केवल लाइन बदलने (इंटरचेंज) की सुविधा मिलेगी। यानी यात्री इन स्टेशनों पर उतर नहीं सकेंगे और न ही बाहर निकल पाएंगे, लेकिन दूसरी मेट्रो लाइन में बदलकर अपनी यात्रा जारी रख सकेंगे।
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जंतर-मंतर पर लगातार बढ़ रही है छात्रों की भीड़
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में अब देश के अलग-अलग राज्यों से छात्र और युवा पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
20 जुलाई को निकाला गया था 'संसद मार्च'
छात्रों और CJP ने 20 जुलाई को दिल्ली में 'संसद चलो' मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
लाठीचार्ज के बाद भी आंदोलन जारी
20 जुलाई की घटना के बाद भी प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ। छात्र लगातार जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी कहते हैं कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।











