Manisha Dhanwani
23 Jan 2026
Hemant Nagle
23 Jan 2026
Manisha Dhanwani
23 Jan 2026
भोपाल। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की बैठक के दौरान मौलाना महमूद असद मदनी के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मदनी ने कहा कि इस्लाम के विरोधियों ने 'जिहाद' शब्द को बदनाम किया है और लव जिहाद, लैंड जिहाद तथा थूक जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल मुसलमानों की तौहीन के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि जिहाद केवल हिंसा का नाम नहीं, बल्कि एक पवित्र कर्तव्य है, और जहां भी अन्याय होगा, उसके खिलाफ जिहाद किया जाना चाहिए। मदनी ने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अदालतें संविधान और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा नहीं करेंगी, तो उनका Supreme कहलाना अर्थहीन हो जाएगा। मदनी के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें, सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, बाबरी मस्जिद, तीन तलाक और कई दूसरे मामलों में फैसले के बाद, ऐसा लगता है कि कोर्ट कुछ सालों से सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। हमारे पास पहले भी कई ऐसे उदाहरण हैं जिनसे कोर्ट के कैरेक्टर पर सवाल उठे हैं। सुप्रीम कोर्ट तभी सुप्रीम कहलाने के लायक है जब वह संविधान को माने और कानून को बनाए रखे। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो वह 'सुप्रीम' कहलाने के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि 'अदालतों को निष्पक्ष रहना चाहिए, लेकिन कुछ फैसलों से संदेह पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तभी सुप्रीम कहलाएगा, जब वह संविधान की पूरी तरह पाबंदी करेगा।'
उन्होंने कहा कि देश मुस्लिमों को असुरक्षित महसूस कराया जा रहा है। उनके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई, आर्थिक बहिष्कार और नफरती अभियानों का वातावरण बनाया जा रहा है। मुगलों के नाम पर मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा किसी शासक के अत्याचार को इस्लाम से जोड़ना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि जिंदा कौमें अपने हक और पहचान पर समझौता नहीं करतीं, मुर्दा कौमें सरेंडर करती हैं।
मौलाना मदनी के बयान पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया है। भोपाल की हुजूर सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि इस्लाम के बंदे, तुम्हारी यूनिवर्सिटी में पढ़कर बम बनाएं, बेगुनाह लोगों को मारे, लव जिहाद करके हिंदू युवतियों को फंसाएं, फलों पर थूक कर हिंदू परिवारों को खिलाएं और आप चाहते हैं कि न्यायपालिका उनके पक्ष में फैसला दे। आपको उनकी तरफदारी करना है तो करिए लेकिन इस देश की न्यायपालिका सच के साथ खड़ी है। साथ ही कहा कि आपका हुक्मरानों ने जो बाबरनामा, अकबरनामा लिखा है उसी में उन्होंने खुद जिक्र किया है किस तरीके से भारत में आकर उन्होंने हिंदुओं के मंदिर तोड़े थे। अब अगर हम अपने मंदिरों का अस्तित्व वापस ला रहे हैं और न्यायालय फैसला दे रहा है तो इसमें गलत क्या है? जिहाद को इस्लाम से इसलिए जोड़ा गया है क्योंकि जब-जब कुछ गलत होता है तो आपके समाज के लोग ही उसमें शामिल होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस्लाम बदनाम ना हो तो अपने बच्चों को शिक्षा दें कि वह लव जिहाद, थूक जिहाद और लैंड जिहाद जैसे कारनामे करने से बचें।