सरपंच पति की गला रेतकर हत्या का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; 2 की तलाश जारी
हरसूद। ग्राम पंचायत बोरखेड़ा खुर्द की सरपंच ज्ञानीबाई के पति रूमसिंग की गला रेतकर हत्या के मामले में पिपलोद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस जांच में सामने आया कि वन क्षेत्र में अतिक्रमण के दौरान बनाए गए मकान तोड़े जाने को लेकर आरोपियों के मन में रूमसिंग के प्रति रंजिश थी। इसी संदेह के चलते हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है।
सड़क किनारे मिला था रूमसिंग का शव
शुक्रवार सुबह खंडवा-अमरावती स्टेट हाईवे से लगे टांडा से बोरखेड़ा खुर्द जाने वाले रास्ते पर रूमसिंग की हत्या की जानकारी सामने आई थी। अज्ञात लोगों ने गला रेतकर उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के पुत्र राजू पिता रूमसिंग की रिपोर्ट पर थाना पिपलोद में अपराध क्रमांक 376/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने धारा 103 (1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आगम जैन के निर्देश पर एडीशनल एसपी (ग्रामीण) राजेश रधुवंशी के मार्गदर्शन में अलग-अलग पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया।
मकान तोड़े जाने की रंजिश में हत्या का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों को संदेह था कि वन अतिक्रमण के दौरान उनके मकान तोड़े जाने के पीछे मृतक रूमसिंग का हाथ था। इसी संदेह और पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों द्वारा हत्या की वारदात को अंजाम दिए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस ने मामले में साहदर उर्फ सरदार पिता कलसिंग, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम आमाखुजरी भिलाईखेड़ा, दिनेश पिता नानसिंग, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम आमाखुजरी भिलाईखेड़ा और अनिल पिता कलसिंह, निवासी ग्राम आमाखुजरी भिलाईखेड़ा को गिरफ्तार किया है। वहीं छतर सिंह पिता लाखासिंह और सुरमल पिता मुआ सिंह, दोनों निवासी ग्राम आमाखुजरी भिलाईखेड़ा की तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
फॉरेंसिक और साइबर टीम ने जुटाए सुराग
हत्या की जांच में पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और साइबर सेल खंडवा की भी मदद ली। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी का तकनीकी तरीके से विश्लेषण किया गया। पुलिस ने मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की जमीनी जांच के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके बाद घटना के करीब 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में टीआई विक्रम धार्वे, उनि प्रेम सिंह जामोद और आरक्षक धीरज बेंजामिन की भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल खंडवा की टीम से प्रआर जितेन्द्र राठौर, प्रआर सुनील लांडगे, प्रआर रामनरेश यादव और आरक्षक नरेन्द्र मुकाती ने तकनीकी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में नाम सामने आए दो अन्य आरोपियों छतर सिंह और सुरमल की तलाश जारी है।






















